प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र के दिग्गजों और टॉप कंपनियों के CEOs के साथ मीटिंग की। इस बैठक में भारत को AI के क्षेत्र में ग्लोबल लीडर बनाना और स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। CEOs के साथ बातचीत में पीएम ने कहा कि जिस तरह भारत ने UPI के जरिए दुनिया को अपनी तकनीकी ताकत दिखाई है, ठीक वैसा ही कमाल अब AI के क्षेत्र में भी करने की जरूरत है। इस बैठक में विप्रो, टीसीएस, जोहो और जियो जैसी दिग्गज कंपनियों के प्रमुख शामिल हुए। यह मीटिंग अगले महीने यानी फरवरी में होने वाले ‘इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट’ से पहले आयोजित की गई है, ताकि रणनीतिक तालमेल बिठाया जा सके। मुलाकात के बाद एचसीएल टेक के सीईओ सी विजयकुमार ने कहा कि एआई को लेकर प्रधानमंत्री की समझ और स्पष्टता वाकई हैरान करने वाली और प्रेरणादायक है। UPI जैसा सक्सेस मॉडल AI में भी लाएंगे बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) के जरिए यह साबित कर दिया है कि हम बड़े पैमाने पर तकनीक को अपना सकते हैं और उसे सफल बना सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि AI के क्षेत्र में भी इसी तरह का मॉडल दोहराया जा सकता है। पीएम के मुताबिक, भारत के पास स्केल, डाइवर्सिटी और डेमोक्रेसी की जो ताकत है, उसकी वजह से पूरी दुनिया भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भरोसा करती है। उन्होंने कंपनियों से अपील की कि वे अपनी तकनीक से न केवल भारत पर प्रभाव डालें, बल्कि पूरी दुनिया को प्रेरित करें। स्वदेशी तकनीक और एथिकल यूज पर ‘नो कॉम्प्रोमाइज’ पीएम मोदी ने देश के विकास में नई तकनीक को अपनाने और उसे राष्ट्र की ग्रोथ से जोड़ने की बात कही। उन्होंने सभी से अपील की कि महत्वपूर्ण सेक्टरों में ‘स्वदेशी तकनीक’ का इस्तेमाल बढ़ाया जाए। प्रधानमंत्री ने सुरक्षा और नैतिकता के मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि AI का इकोसिस्टम पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित होना चाहिए। पीएम ने दो-टूक शब्दों में कहा कि AI के ‘एथिकल यूज’ (नैतिक उपयोग) पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। भारत का AI इकोसिस्टम देश के चरित्र और मूल्यों को दर्शाने वाला होना चाहिए। ‘AI फॉर ऑल’ और डेटा सिक्योरिटी पर फोकस प्रधानमंत्री ने अपने विजन ‘फॉर ऑल के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि हमें तकनीक का लोकतंत्रीकरण करना होगा। डेटा सिक्योरिटी पर जोर देते हुए उन्होंने विशेषज्ञों से कहा कि वे भारत को ग्लोबल AI प्रयासों के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन बनाएं। उन्होंने कहा कि भारत में टैलेंट की कोई कमी नहीं है, इसलिए हमें अब ‘AI स्किलिंग’ और ‘टैलेंट बिल्डिंग’ पर सबसे ज्यादा ध्यान देना होगा। प्रधानमंत्री ने समिट का जिक्र करते हुए कहा कि सभी कंपनियों को इस मौके का फायदा उठाकर नई संभावनाओं को तलाशना चाहिए। बड़ी टेक कंपनियों के प्रमुख रहे मौजूद इस हाई-लेवल बैठक में आईटी और टेक सेक्टर की नामी कंपनियों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया। इसमें विप्रो , टीसीएस, एचसीएल टेक, जोहो कॉरपोरेशन, एलटीआई माइंडट्री, जियो प्लेटफॉर्म्स, अडानी-कनेक्स के CEOs शामिल थे। इसके अलावा IIT बॉम्बे, IIT मद्रास और IIIT हैदराबाद के एक्सपर्ट्स ने भी अपने सुझाव दिए। बैठक में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी मौजूद थे।
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