इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से यहां बहुत तेजी आई है. एक्सप्रेसवे के साथ 5.1 किलोमीटर का टनल बना है जो एयरपोर्ट और एनएच-48 से कनेक्ट करता है, इससे पुरानी सड़कों पर भीड़ कम हुई. साउथ दिल्ली में करीब 3500 करोड़ का अंडरग्राउंड टनल प्रस्तावित है और द्वारका एक्सप्रेसवे से साइबर सिटी तक मेट्रो कॉरिडोर की प्लानिंग है. इन सबकी वजह से खरीदारों का भरोसा बढ़ा है.
क्यों खरीद रहे हैं यहां प्रॉपर्टी?
पहले सिर्फ स्पेकुलेटिव होल्डिंग होती थी लेकिन अब असली एंड-यूजर्स घर खरीद रहे हैं. जेनिका वेंचर्स के कॉर्पोरेट डायरेक्टर नीरज शर्मा के अनुसार, द्वारका एक्सप्रेसवे एनसीआर का सबसे इंतजार वाला रेजिडेंशियल डेस्टिनेशन बन गया है. ये 16 लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड रोड है, जिससे दिल्ली के वेस्टर्न पार्ट्स, द्वारका, गुरुग्राम और एयरपोर्ट तक आसान कनेक्टिविटी मिली है. लैंड एक्विजिशन की दिक्कतें खत्म होने के बाद प्रोजेक्ट पर फोकस से ये सफल हुआ और रियल एस्टेट में डिमांड बूम हो गई. पिछले पांच सालों में प्रॉपर्टी कीमतें तीन गुना से ज्यादा बढ़ गई हैं. अब ये मॉडर्न और लग्जरी लिविंग का अच्छा जगह बन गया है और आगे के प्रोजेक्ट्स से ये और बेहतर होगा.
प्रॉपर्टी रेट्स में जबरदस्त उछाल
इसकी कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है. मैजिकब्रिक्स के मुताबिक अब एवरेज अपार्टमेंट प्राइस करीब 14342 रुपये प्रति स्क्वेयर फुट पहुंच गया है, जो एनसीआर में सबसे तेज ग्रोथ में से एक है. पिछले पांच सालों में कीमतें 153 फीसदी बढ़ी हैं. 2020 में औसतन 6300 रुपये प्रति स्क्वेयर फुट था जो अब 21700 से 24000 रुपये तक पहुंच गया है, मतलब 3.5 गुना बढ़ोतरी और सालाना 28 फीसदी ग्रोथ.
स्क्वेयर यार्ड्स रिपोर्ट कहती है कि अगले तीन सालों में 25000 से ज्यादा नए हाउसिंग यूनिट्स मार्केट में आएंगे, जो डेवलपर्स के भरोसे को दिखाता है. ग्रोथ पूरे इलाके में एक जैसी नहीं है. नॉर्थ सेक्टर्स 102 से 106 मिड-सेगमेंट बायर्स के लिए अच्छे हैं क्योंकि दिल्ली से नजदीक और एंट्री प्राइस कम है. सेंट्रल सेक्टर्स 107 से 109 में रेडी या नीयर पोजेशन वाले घर ज्यादा हैं, जहां एंड-यूजर्स ज्यादा हैं. साउथ सेक्टर्स 110 से 113 में ब्रांडेड प्रोजेक्ट्स, इंटीग्रेटेड टाउनशिप्स और कम सप्लाई की वजह से प्रीमियम प्राइस है, लॉन्ग टर्म में अच्छी कैपिटल ग्रोथ मिलती है. नए इलाके जैसे सेक्टर 84 से 89 में अभी शुरुआती स्टेज है, कीमत कम है और ग्रोथ का अच्छा पोटेंशियल है.
गुड़गांव के पुराने कॉरिडोर जैसे गोल्फ कोर्स रोड या साउदर्न पेरिफेरल रोड से तुलना करें तो द्वारका एक्सप्रेसवे अभी ग्रोथ फेज में है. गोल्फ कोर्स रोड पर कीमतें मैच्योर हो चुकी हैं लेकिन यहां अभी ग्रोथ है, इसलिए एंड-यूज और इन्वेस्टर्स दोनों आकर्षित हैं. ये इलाका अब डिले प्रॉमिस से स्ट्रक्चर्ड ग्रोथ कॉरिडोर बन गया है. सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर हो रहा है, एंड-यूजर मार्केट बढ़ रहा है और फ्यूचर कनेक्टिविटी से यहां स्टेबल ग्रोथ रहेगी. गुड़गांव के रियल एस्टेट में बदलाव आ रहा है और द्वारका एक्सप्रेसवे इसमें बड़ा रोल निभाएगा.
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