गुरुग्राम के बाजार की खासियत यह है कि यहां प्रीमियम ग्रुप हाउसिंग से लेकर मिड-रेंज और अफोर्डेबल हाउसिंग तक, हर वर्ग के लिए विकल्प मौजूद हैं. रेजिडेंशियल सेगमेंट में सबसे ज्यादा जोर दिखा है. इनमें से 31,455 यूनिट्स रेजिडेंशियल हैं, जो घरों की लगातार बढ़ती मांग को दिखाती हैं. प्रोजेक्ट्स में ग्रुप हाउसिंग, मिक्स्ड लैंड यूज, अफोर्डेबल हाउसिंग और दीन दयाल जन आवास योजना जैसे विभिन्न सेगमेंट शामिल हैं. इसमें 2,122 अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग यूनिट्स और 1,954 यूनिट्स दीन दयाल योजना के तहत मंजूर हुई हैं. इससे साफ है कि बाजार सिर्फ प्रीमियम सेगमेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि हर आय वर्ग के लिए विकल्प उपलब्ध हैं, जिससे बाजार की स्थिरता बढ़ रही है.
कमर्शियल और आईटी सेक्टर
गुरुग्राम की पहचान केवल रिहायशी इमारतों से नहीं, बल्कि इसके शानदार ऑफिस स्पेस और आईटी पार्क्स से भी है. 2025 में कमर्शियल सेक्टर में भी जोरदार गतिविधि देखी गई है. इस साल करीब 4,000 कमर्शियल यूनिट्स को मंजूरी मिली, जिनमें 168 यूनिट्स आईटी पार्क्स के लिए हैं. गुरुग्राम पहले से ही आईटी कंपनियों और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का प्रमुख केंद्र है. नए ऑफिस स्पेस और बिजनेस हब के विकास से यहां रोजगार के मौके और बढ़ेंगे, जो पूरे इकोसिस्टम को मजबूत बनाएगा.
माइक्रो-मार्केट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर का जादू
गुरुग्राम की इस प्रगति का श्रेय केवल मुख्य शहर को नहीं, बल्कि उभरते हुए माइक्रो-मार्केट्स को भी जाता है. मैप्सको ग्रुप के डायरेक्टर राहुल सिंगला का कहना है कि द्वारका एक्सप्रेसवे, सोहना रोड, और साउदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) जैसे क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होने से निवेश बढ़ा है. सेक्टर 78, 79 और 106 जैसे क्षेत्रों में विकसित होती लाइफस्टाइल सुविधाओं और मेट्रो नेटवर्क के विस्तार ने इन्हें समझदार खरीदारों की पहली पसंद बना दिया है. ण्
रूट्स डेवलपर्स के डायरेक्टर जीतेंद्र यादव का कहना है कि 2025 में रेरा ने 131 प्रोजेक्ट्स को 86,588 करोड़ रुपये की वैल्यू के साथ मंजूरी दी है. यह निवेशकों के मजबूत विश्वास का प्रमाण है. बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर, मेट्रो कनेक्टिविटी, कॉर्पोरेट विस्तार और रेगुलेटरी पारदर्शिता के कारण गुरुग्राम आज भी देश के सबसे आकर्षक रियल एस्टेट बाजारों में शामिल है.
रेरा का सुरक्षा कवच बढा रहा विश्वास
पायनियर अर्बन लैंड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ऋषभ पेरीवाल का कहना है कि गुरुग्राम में 2025 में 86,588 करोड़ रुपये का निवेश देखा गया, जो 131 रेरा-अनुमोदित प्रोजेक्ट्स के जरिए 35,000 से ज्यादा हाउसिंग यूनिट्स में तब्दील हुआ. रेरा के सख्त नियम, डेवलपर्स की गहन जांच, साइट निरीक्षण और जन-संपर्क ने बाजार में अनुशासन बढ़ाया है. इससे पारदर्शिता, भरोसा और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है.
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.