भारतीय रिजर्व बैंक के रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने के फैसला का रियल एस्टेट सेक्टर ने स्वागत किया है. डेवलपर्स का कहना है कि इस फैसले से खरीदार और निवेशक दोनों के लिए बाजार में अनावश्यक उतार-चढ़ाव की आशंका खत्म होगी.
रियल एस्टेट सेक्टर ले आरबीआई के फैसले का स्वागत किया है.(Image:AI)
क्रेडाई वेस्टर्न यूपी के अध्यक्ष दिनेश गुप्ता का कहना है कि रेपो रेट को स्थिर रखना खरीदारों के लिए भरोसे का बड़ा संकेत है. जब ब्याज दरों में अचानक बदलाव की आशंका नहीं होती तब ग्राहक आत्मविश्वास के साथ घर खरीदने का निर्णय लेते हैं. इससे बाजार में स्थिर और टिकाऊ मांग बनी रहती है. निराला वर्ल्ड के सीएमडी सुरेश गर्ग ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि एक संतुलित बजट के बाद मार्केट में ब्याज दरों को स्थिर रखना रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बहुत अच्छा निर्णया है. इससे खरीदार और निवेशक दोनों के लिए बाजार में अनावश्यक उतार-चढ़ाव की आशंका खत्म होगी. पिछले एक साल में रेपो रेट में की गई कटौतियों और जीएसटी में कमी का रियल एस्टेट में असर दिखने के लिए मार्केट को स्थिर रखना जरूरी है.
ब्याज दरों में स्थिरता से रोजगार बढ़ेगा
विजन बिजनेस के फाउंडर अतुल विक्रम सिंह ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर का सीधा असर रोजगार पर पड़ता है. आरबीआई का यह निर्णय कंस्ट्रक्शन, स्टील, सीमेंट और अन्य सहायक उद्योगों के लिए भी सकारात्मक साबित होगा.आरजी ग्रुप के डायरेक्टर हिमांशु गर्ग ने कहा कि पिछले कुछ समय में ब्याज दरों में जो नरमी आई है, उसका पूरा लाभ अभी मिलना बाकी है. रेपो रेट को स्थिर रखने का फैसला उस असर को जमीन पर उतरने का समय देगा और इससे हाउसिंग डिमांड को संतुलित तरीके से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी.
निवेश में होगा इजाफा
डिलीजेंट बिल्डर्स के सीईओ ले.क. अश्वनी नागपाल (रि) का कहना है कि स्थिर रेपो रेट से होम लोन की ईएमआई में संतुलन बना रहेगा, जिससे लोग लंबी अवधि की प्लानिंग के साथ निवेश कर सकेंगे. यह फैसला खासकर मिडिल क्लास और पहली बार घर खरीदने वालों के लिए राहत लेकर आया है जो मार्केट में स्थिरता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. रेनॉक्स ग्रुप के चेयरमैन शैलेन्द्र शर्मा के अनुसार रियल एस्टेट जैसे कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर के लिए पॉलिसी स्टेबिलिटी बेहद अहम होती है. आरबीआई का यह निर्णय मार्केट में अनावश्यक अस्थिरता पर नियंत्रण करने एवं नीति निर्धारक द्वारा ग्रोथ और महंगाई के बीच संतुलन बनाने का प्रयास है.
श्री केबी ग्रुप के फाउंडर राकेश सिंघल भी आरबीआई द्वारा रेपो रेट को स्थिर रखने को एक समझदारी भरा कदम मानते हैं. उनके अनुसार यह फैसला यह संदेश देता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बुनियाद पर आगे बढ़ रही है. नीति में स्थिरता से निवेशकों और उपभोक्ताओं दोनों का भरोसा बढ़ता है.
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