सबसे खास बात है कि यह लाइन बॉटनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक संचालित होगी और पूर्ण रूप से चालू होने पर यह एक ड्राइवरलेस मेट्रो कॉरिडोर के रूप में कार्य करेगी. यानि इस लाइन पर मेट्रो को चलाने के लिए ड्राइवर नहीं होगा.
मैजेंटा लाइन पर बनेंगे 21 इंटरचेंज
परियोजना पूरी होने के बाद मैजेंटा लाइन पर कुल 21 इंटरचेंज स्टेशन होंगे. फिलहाल में चालू खंड में चार इंटरचेंज स्टेशन कालकाजी मंदिर, बॉटनिकल गार्डन, जनकपुरी पश्चिम और हौज खास हैं. फेज-IV और फेज-V (ए) के तहत इस लाइन पर अतिरिक्त 17 इंटरचेंज स्टेशन शामिल किए जाएंगे. जिनमें कालिंदी कुंज, चिराग दिल्ली, टर्मिनल-1 आईजीआई एयरपोर्ट, पीरागढ़ी, पीतमपुरा (मधुबन चौक), हैदरपुर बादली मोड़, मजलिस पार्क, आजादपुर, पुलबंगश, नबी करीम, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, शिवाजी स्टेडियम, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, इंद्रप्रस्थ, दिल्ली गेट, नई दिल्ली और इंद्रलोक शामिल हैं. इनमें से सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आजादपुर, नई दिल्ली और इंद्रलोक ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन होंगे.
कितने होंगे स्टेशन?
यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद बॉटनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक मैजेंटा लाइन पर कुल 65 स्टेशन होंगे, जिनमें 40 भूमिगत होंगे. मैजेंटा लाइन की व्यापक इंटरचेंज सुविधाओं से यात्रा की दूरी और समय में कमी आएगी, प्रमुख कॉरिडोरों पर यातायात दबाव कम होगा और एनसीआर में सुरक्षित और कुशल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा.
बता दें कि मैजेंटा लाइन दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की दो महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धियों के लिए भी जानी जाती है. इस कॉरिडोर पर स्थित हैदरपुर बादली मोड़ मेट्रो स्टेशन प्रणाली का सबसे ऊंचा एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन है (पियर संख्या 340 पर रेल स्तर की ऊंचाई लगभग 28.362 मीटर) जबकि मैजेंटा लाइन पर ही स्थित हौज खास स्टेशन सबसे गहरा (लगभग 29 मीटर) भूमिगत स्टेशन है. ये उपलब्धियां इस कॉरिडोर की जटिल इंजीनियरिंग और तकनीकी दक्षता को दर्शाती हैं.
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