आईआरसीटीसी ने 2025 में 3.03 करोड़ संदिग्ध यूजर आईडी ब्लॉक कीं, कैप्चा हटाया, आधार वेरिफिकेशन लागू किया और वेबसाइट को सरल बनाया, जिससे असली यात्रियों को बुकिंग में राहत मिली.
4.86 करोड़ यूजर आईडी की दोबारा जांच की. 12,819 संदिग्ध ईमेल डोमेन भी ब्लॉक किए गए.
आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.irctc.co.in और IRCTC Rail Connect ऐप में यूजर इंटरफेस को पूरी तरह नया और सरल बनाया गया है. अब लॉगिन पर कैप्चा हटा दिया गया है, मेन्यू आसान हो गए हैं, फॉर्म भरना सरल हो गया है, ट्रेन लिस्ट अब प्रस्थान समय के हिसाब से सॉर्ट होती है और फिल्टर दिखाने-छिपाने का ऑप्शन जोड़ा गया है. इससे बुकिंग तेज और सुविधाजनक हो गई है.तत्काल और एडवांस रिजर्वेशन पीरियड की बुकिंग में सबसे बड़ा बदलाव आया है. अब केवल आधार से वेरिफाइड यूजर ही तत्काल टिकट बुक कर सकते हैं और एडवांस के पहले दिन टिकट बुकिंग भी केवल आधार वेरिफाइड यूजर के लिए ही खुली है.
इससे फर्जी अकाउंट और एजेंटों द्वारा पहले से टिकट बुक करने की समस्या लगभग खत्म हो गई है. असली यात्रियों को अब ज्यादा टिकट मिलने लगे हैं. आईआरसीटीसी ने तकनीकी स्तर पर भी मजबूत कदम उठाए हैं. कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क (CDN) लगाकर सर्वर पर लोड कम किया गया है और एडवांस्ड एंटी-बॉट तकनीक से ऑटोमेटेड हमलों को रोका जा रहा है. 2025 में 3.99 लाख संदिग्ध PNR की शिकायतें नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज की गईं और 376 शिकायतें दर्ज हुईं.
ये सभी कदम आईआरसीटीसी की ‘यात्री पहले’ नीति का हिस्सा हैं. फर्जी यूजर आईडी हटाने, आधार वेरिफिकेशन और एंटी-बॉट सिस्टम से अब तत्काल और एडवांस टिकट बुक करना आसान हो गया है. असली यात्रियों के चेहरे पर मुस्कान लाने का यह प्रयास रेल यात्रा को और पारदर्शी व निष्पक्ष बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.