माघ मेला 3 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक चलेगा. प्रमुख स्नान पर्व मकर संक्रांति (15 जनवरी), मौनी अमावस्या (18 जनवरी), बसंत पंचमी (23 जनवरी), माघी पूर्णिमा (1 फरवरी) और महाशिवरात्रि (15 फरवरी) को करोड़ों श्रद्धालु संगम स्नान के लिए प्रयागराज आएंगे.
प्रयागराज जंक्शन पर लखनऊ/वाराणसी दिशा लाल रंग (आश्रय-1, गेट-1), पी. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा नीला (आश्रय-2, गेट-2), मानिकपुर दिशा पीला (आश्रय-3, गेट-3) और कानपुर दिशा हरा (आश्रय-4, गेट-4) चिह्नित है. सभी आरक्षित यात्री सिटी साइड गेट-5 से प्रवेश करेंगे.
नैनी जंक्शन से कहां की ट्रेनें
नैनी जंक्शन पर कानपुर दिशा हरा (आश्रय-1, गेट-1), झांसी दिशा नीला (आश्रय-2, गेट-1), सतना दिशा लाल (आश्रय-3, गेट-1) और पी. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा पीला (आश्रय 4A-4B, गेट 3-4) निर्धारित है. आरक्षित यात्री गेट-2 से आएँगे.
प्रयागराज छिवकी स्टेशन से कहां की ट्रेनें
प्रयागराज छिवकी स्टेशन पर पी. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हरा (आश्रय-1, गेट-1A), मानिकपुर/सतना दिशा लाल (आश्रय-2, गेट-1B) और झांसी दिशा आश्रय-3 (गेट-1B) है. सभी आरक्षित यात्री गेट-2 से प्रवेश करेंगे.
सूबेदारगंज स्टेशन से कहां की ट्रेनें
सूबेदारगंज स्टेशन पर कानपुर दिशा के यात्री आश्रय-1 से गेट-1 और आरक्षित यात्री गेट-3 से आएँगे.
क्यों लिया गया फैसला
यह व्यवस्था महाकुंभ-2025 के सफल मॉडल से प्रेरित है. रेलवे ने भीड़ प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहज आवाजाही के लिए अतिरिक्त RPF जवान, सीसीटीवी कैमरे और अन्य इंतजाम किए हैं. यात्रियों से अपील है कि स्टेशन पर लगे रंगीन बोर्ड और संकेतक ध्यान से देखें. भीड़ से बचने के लिए 2-3 घंटे पहले पहुंचें जिससे संगम स्नान आसानी से हो सके. यह पहल मेला यात्रा को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाएगी.
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