Dankuni-Surat Dedicated Freight Corridor: केंद्र सरकार ने डनकुनी (पश्चिम बंगाल) से सूरत (गुजरात) डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) के काम में तेजी लाने के आदेश दे दिए हैं. रेलवे बोर्ड ने इस प्रोजेक्ट को ‘फास्ट-ट्रैक’ मोड पर डाल दिया है, जिसका मतलब है कि अब इस पर काम युद्ध स्तर पर होगा.
डनकुनी-सूरत फ्रेट कॉरिडोर (AI Generated Image)
पूर्व से पश्चिम भारत तक माल ढुलाई होगी आसान और तेज
डनकुनी-सूरत कॉरिडोर लगभग 2100 किलोमीटर लंबा होगा और पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात से होकर गुजरेगा. इसके बन जाने से पूर्वी और पश्चिमी भारत के बीच माल ढुलाई तेज और सस्ती हो जाएगी. इससे मौजूदा रेलवे लाइनों पर भीड़ कम होगी और मालगाड़ियों का समय बचेगा.
इस प्रोजेक्ट में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा, जैसे:
- ज्यादा ताकतवर बिजली सिस्टम
- कोई लेवल क्रॉसिंग नहीं
- ‘कवच’ जैसे एडवांस सेफ्टी सिग्नल सिस्टम
नए खर्च और डेडलाइन के हिसाब से अपडेट किया जाएगा DPR
डनकुनी-सूरत कॉरिडोर की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी डीपीआर (DPR) को नए खर्च और डेडलाइन के हिसाब से अपडेट किया जाएगा. पूरे कॉरिडोर को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर एक साथ काम शुरू होगा, ताकि देरी न हो. रेलवे बोर्ड ने साफ कहा है कि जमीन, डिजाइन और टेंडर जैसे सारे प्री-कंस्ट्रक्शन काम तुरंत शुरू किए जाएं. हर सेक्शन के लिए अलग टीम बनाई जाएगी जो मौके पर रहकर काम की निगरानी करेगी. हर हफ्ते रेलवे बोर्ड को प्रगति रिपोर्ट दी जाएगी, ताकि यह बड़ा प्रोजेक्ट बिना रुकावट और तेजी से पूरा हो सके.
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रवि सिंह News 18 India में कार्यरत हैं. पिछले 20 वर्षों से इलेक्ट्रानिक मीडिया में सक्रिय हैं. उनकी मुख्य रूप से रेलवे,स्वास्थ्य,शिक्षा मंत्रालय,VHP और राजनीतिक गतिविधियों पर पकड़ है. अयोध्या में मंदिर की कवरेज…और पढ़ें
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