बजट 2026 से पहले शेयर बाजार में दबाव और सुस्ती का माहौल दिखाई दे रहा है. पिछले 15 साल का डेटा बताता है कि बजट से पहले निफ्टी में अक्सर कमजोरी या साइडवेज मूवमेंट रहता है. हालांकि बजट के बाद और लंबी अवधि में बाजार कई बार मजबूत रिटर्न देता है. अनिश्चितता, प्रॉफिट बुकिंग और विदेशी निवेशकों की सतर्कता बजट से पहले गिरावट की बड़ी वजहें हैं. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बजट के तुरंत बाद बाजार धीरे धीरे स्थिर होता है. लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह दौर अवसर भी बन सकता है.
2010 से 2025 तक के डेटा पर नजर डालें तो बजट से ठीक पहले का समय अक्सर बाजार के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है. निफ्टी में औसतन कमजोरी और साइडवेज मूवमेंट देखने को मिला है. कई सालों में बजट से पहले के एक महीने में नेगेटिव रिटर्न दर्ज हुए हैं. साथ ही बजट के आसपास बाजार में तेज उतार चढाव भी रहता है क्योंकि हर निवेशक घोषणाओं से पहले अपनी पोजिशन सुरक्षित करना चाहता है.
बजट से पहले दबाव का पुराना पैटर्न
पिछले डेढ़ दशक के ट्रेंड बताते हैं कि बजट से पहले बाजार में अनिश्चितता सबसे बड़ा फैक्टर होती है. टैक्स में बदलाव, कैपेक्स घोषणाएं, सब्सिडी और राजकोषीय घाटे को लेकर स्पष्टता नहीं होती. इसी अनिश्चितता के चलते प्रॉफिट बुकिंग बढ़ जाती है. कई बार विदेशी निवेशक भी जोखिम कम करने के लिए शॉर्ट टर्म पोजिशन को छोड़कर बाहर निकल जाते हैं. नतीजा यह होता है कि बजट से पहले बाजार पर दबाव बना रहता है.
| Budget Date | Budget Day | 1 Month Before | 3 Month Before | 6 Month Before | 1 Month After | 3 Month After | 6 Month After |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 16-Mar-12 | -1.2 | -2.7 | 15.7 | 4.6 | -2.9 | -6.1 | 0.9 |
| 28-Feb-13 | -1.8 | -4.2 | -1.4 | 8.3 | -1.6 | 5.3 | -8.8 |
| 17-Feb-14 | 0.4 | -3.4 | -2.5 | 14.5 | 7.9 | 20.1 | 30.2 |
| 10-Jul-14 | -0.2 | -0.9 | 11.9 | 22.6 | 0.5 | 3.4 | 7.2 |
| 28-Feb-15 | 0.6 | -1.2 | 3.0 | 10.9 | -4.0 | -4.6 | -10.1 |
| 29-Feb-16 | -0.6 | -7.1 | -11.6 | -9.5 | 10.0 | 16.3 | 22.4 |
| 01-Feb-17 | 1.8 | 4.7 | 0.9 | 0.4 | 3.9 | 8.8 | 17.7 |
| 01-Feb-18 | -0.1 | 5.6 | 5.5 | 9.4 | -6.1 | -2.8 | 3.0 |
| 01-Feb-19 | 0.6 | 0.4 | 2.6 | -4.1 | 1.4 | 8.3 | 2.7 |
| 05-Jul-19 | -1.1 | -0.6 | 2.4 | 10.1 | -9.1 | -5.3 | 2.0 |
| 01-Feb-20 | -2.5 | -2.6 | 0.6 | 7.4 | -6.9 | -22.3 | -7.2 |
| 01-Feb-21 | 4.7 | -2.7 | 15.4 | 28.6 | 11.8 | 7.3 | 16.5 |
| 01-Feb-22 | 1.4 | -0.1 | -2.7 | 7.9 | -4.9 | -1.6 | 0.0 |
| 01-Feb-23 | -0.3 | -2.9 | -2.2 | 1.3 | -0.4 | 2.7 | 11.8 |
| 01-Feb-24 | -0.1 | 0.3 | 13.0 | 11.2 | 3.0 | 4.2 | 14.4 |
| 08-Jul-24 | -0.01 | 4.4 | 7.4 | 12.5 | -0.1 | 1.9 | -2.9 |
| 01-Feb-25 | -0.1 | -2.8 | -3.3 | -2.4 | -5.9 | 3.6 | 5.4 |
बजट के बाद बदलती है बाजार की दिशा
जैसे ही बजट पेश होता है वैसे ही तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगती है. घोषणाओं को समझने और उनके असर को आंकने में बाजार को कुछ समय लगता है. यही कारण है कि बजट के बाद के हफ्तों में हल्की रिकवरी देखने को मिलती है. निवेशक सेक्टर के हिसाब से नए अवसर तलाशते हैं और अनिश्चितता कम होने के साथ बाजार में स्थिरता लौटने लगती है.
लंबी अवधि में निवेशकों को मिलता है फायदा
3 से 6 महीने की अवधि में बाजार का प्रदर्शन ज्यादा मजबूत दिखाई देता है. इंफ्रा खर्च, सरकारी निवेश और आर्थिक नीतियों का असर धीरे-धीरे बाजार में प्राइस इन होता है. इसलिए बजट से पहले की कमजोरी कई बार लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौका बन जाती है. लार्जकैप शेयरों में तुलनात्मक रूप से ज्यादा स्थिरता रहती है जबकि स्मॉल और मिडकैप में ज्यादा उतार चढाव देखने को मिलता है.
एक्सपर्ट्स की राय क्या कहती है
वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज के क्रांति बाथिनी (Wealthmills Securities) के अनुसार अब बजट का रोल पहले जैसा नहीं रहा है क्योंकि इनडायरेक्ट टैक्स से जुड़े बड़े फैसले अब जीएसटी काउंसिल में तय होते हैं. बाजार का फोकस अब डायरेक्ट टैक्स, कैपेक्स और फिस्कल डिसिप्लिन पर रहता है. वहीं मार्केट एनालिस्ट दीपक जसानी (Deepak Jasani) का कहना है कि बजट के बाद का महीना अक्सर पहले महीने के उलट व्यवहार दिखाता है और लंबी अवधि में बाजार पर ग्लोबल ट्रेंड और लिक्विडिटी का असर ज्यादा रहता है.
निवेशकों के लिए संकेत
डेटा और ट्रेंड दोनों यही बताते हैं कि बजट से पहले बाजार में दबाव कोई असामान्य बात नहीं है. शॉर्ट टर्म में उतार चढ़ाव बना रह सकता है लेकिन लंबी अवधि में मजबूत रिटर्न की संभावना रहती है. ऐसे समय में घबराहट में फैसले लेने की बजाय संतुलित रणनीति अपनाना ज्यादा बेहतर रहता है.
About the Author

जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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