Stock Market : वैश्विक तेल बाजार में इस समय सबसे बड़ी राहत अमेरिका से आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया संकेतों ने बाजार की घबराहट को काफी हद तक शांत कर दिया है. इस वजह से क्रूड के दाम गिरे हैं. इसका असर आज भारतीय तेल विपणन कंपनियों के शेयरों पर देखा गया.
कारोबारी सत्र के दौरान तेल कंपनियों के शेयरों में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली. हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के शेयर करीब 4 फीसदी की छलांग लगाकर ₹456.50 के स्तर पर पहुंच गए. इस तेजी के साथ ही कंपनी के शेयरों में पिछले दो दिनों से जारी गिरावट के सिलसिले पर ब्रेक लग गया. वहीं, भारत पेट्रोलियम (BPCL) के शेयरों में भी 3 फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई और यह ₹367.75 पर कारोबार करते दिखे. दिग्गज कंपनी इंडियन ऑयल (IOC) भी पीछे नहीं रही और इसके शेयरों में 2 फीसदी की बढ़त के साथ ₹162.15 का स्तर देखा गया.
तेल के गिरे दाम तो उछले शेयर
वैश्विक तेल बाजार में इस समय सबसे बड़ी राहत अमेरिका से आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया संकेतों ने बाजार की घबराहट को काफी हद तक शांत कर दिया है. ट्रंप ने ईरान पर तत्काल सैन्य कार्रवाई टालने के संकेत दिए हैं, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई और प्रमुख शिपिंग रूट (खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य) में बाधा आने का जोखिम कम हो गया है.
इस भू-राजनीतिक राहत के कारण ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई और यह फिसलकर 63.72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया.
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक चीन की मांग में बड़ा सुधार नहीं होता या कोई नया सप्लाई अवरोध नहीं आता, तब तक तेल की कीमतें 57 से 67 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में बनी रह सकती हैं.
तीसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन की उम्मीद
बाजार विशेषज्ञों और ब्रोकरेज हाउसेज का मानना है कि सरकारी तेल कंपनियां चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में शानदार वित्तीय नतीजे पेश कर सकती हैं. पिछली तिमाही के मुकाबले कच्चे तेल की औसत कीमतें 6% कम रही हैं, जबकि खुदरा बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई कटौती नहीं हुई है, जिससे कंपनियों के मुनाफे का मार्जिन बढ़ा है. कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के अनुसार, उत्पादों के ऊंचे क्रैक स्प्रेड के कारण रिफाइनिंग मार्जिन में तेज सुधार होने की उम्मीद है.
वहीं, मोतीलाल ओसवाल ने अनुमान जताया है कि मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन और सरकार से मिलने वाले एलपीजी मुआवजे के चलते इन तीनों कंपनियों (HPCL, BPCL, IOC) के ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) में तिमाही आधार पर 9 से 18 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है.
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