कारोबार के अंत में कंपनी का शेयर एनएसई पर 2,352.50 रुपये पर बंद हुआ. यह पिछले बंद भाव के मुकाबले 187 रुपये से ज्यादा यानी करीब 8.64 प्रतिशत की तेजी दिखाता है. हालांकि बाद में कंपनी ने एक्सचेंज को भेजे स्पष्टीकरण में कहा कि अभी कोई अंतिम ऑर्डर नहीं मिला है और मामला फिलहाल मंजूरी के चरण में है.
कंपनी ने एक्सचेंज को क्या बताया
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने बीएसई और एनएसई को दी जानकारी में कहा कि सरकार के साथ कॉन्ट्रैक्ट नेगोशिएशन कमिटी के स्तर पर बातचीत पूरी हो चुकी है. अब प्रस्ताव सक्षम प्राधिकरण की मंजूरी का इंतजार कर रहा है.
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि शेयर में आई तेजी के पीछे कोई ऐसी अघोषित जानकारी नहीं है जो निवेशकों से छिपाई गई हो. कंपनी के मुताबिक उसने सेबी के नियमों के तहत सभी जरूरी खुलासे पहले ही कर दिए हैं.
कंपनी ने बताया कि इससे पहले भी 25 अगस्त 2025, 10 सितंबर 2025 और 9 जनवरी 2026 को इस प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी एक्सचेंज को दी जा चुकी है. इसलिए हालिया मीडिया रिपोर्ट्स में जिस तरह से किसी बड़े मटेरियल डेवलपमेंट का जिक्र किया गया, वह पूरी तरह सही नहीं है.
किस ऑर्डर की चर्चा से बढ़ी हलचल
बाजार में जिस डील को लेकर चर्चा है उसकी वैल्यू करीब 99,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है. यह भारत के सबसे बड़े डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट्स में से एक हो सकता है. माना जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट सबमरीन निर्माण से जुड़ा हो सकता है, जिसे आम तौर पर पी 75आई प्रोग्राम के नाम से जाना जाता है.
इस प्रोग्राम के तहत भारतीय नौसेना के लिए नई पीढ़ी की छह सबमरीन्स बनाने की योजना है और इसकी अनुमानित लागत 70,000 करोड़ से लेकर करीब 1 लाख करोड़ रुपये तक बताई जाती रही है.
डिफेंस सेक्टर में मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन
डिफेंस सेक्टर में सरकारी कंपनियों के लिए पिछले कुछ वर्षों में ऑर्डर पाइपलाइन लगातार मजबूत हुई है. मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स भी जहाज और सबमरीन निर्माण के क्षेत्र में देश की प्रमुख कंपनियों में गिनी जाती है. कंपनी पहले भी संकेत दे चुकी है कि अगर ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिलती है तो वित्त वर्ष 2026 के अंत तक उसकी ऑर्डर बुक 1 लाख करोड़ रुपये के पार जा सकती है.
हालांकि फिलहाल निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि अभी यह डील अंतिम चरण में नहीं पहुंची है. अगर सरकार से मंजूरी मिलती है तो कंपनी के लिए यह एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है, लेकिन मंजूरी में देरी या बदलाव की संभावना भी बनी हुई है.
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