एक दिन पहले टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों की अगुवाई में बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी. उस सत्र में डॉव जोन्स ने लगातार तीन दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ा था, जबकि एसएंडपी 500 और नैस्डैक दोनों बढ़त के साथ बंद हुए थे. लेकिन नई भू राजनीतिक खबरों ने बाजार की दिशा एक बार फिर बदल दी.
तेल टैंकर हमले से उछला कच्चा तेल
तेल बाजार में अचानक तेजी तब आई जब ईरान ने दावा किया कि उसने एक तेल टैंकर पर मिसाइल से हमला किया है. इस खबर के बाद कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला.
अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 5 प्रतिशत उछलकर 78 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जो जून 2025 के बाद इसका सबसे ऊंचा स्तर है. वहीं अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 3 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 84 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर टिकी दुनिया की नजर
निवेशक इस समय फारस की खाड़ी और खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं. यह दुनिया के सबसे अहम समुद्री तेल मार्गों में से एक है और वैश्विक तेल सप्लाई का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है.
अगर इस रास्ते पर लंबे समय तक तनाव बना रहता है या जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है तो इसका असर सीधे वैश्विक तेल कीमतों और ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है.
जहाजों की सुरक्षा के लिए तैयारी में अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा है कि वॉशिंगटन फारस की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रखने के लिए जोखिम बीमा और सुरक्षा एस्कॉर्ट उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है. हालांकि व्हाइट हाउस ने अभी यह साफ नहीं किया है कि तेल टैंकरों के लिए यह मार्ग पूरी तरह सुरक्षित कब माना जाएगा.
इसी बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ (Pete Hegseth) ने भी कहा कि अमेरिका ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में निर्णायक बढ़त बनाए हुए है और क्षेत्र में अतिरिक्त अमेरिकी सैनिकों की तैनाती की जा रही है.
टैरिफ और कॉरपोरेट खबरों का भी असर
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा हाल ही में घोषित 15 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ इसी हफ्ते लागू हो सकता है. इससे भी बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है.
हालांकि गिरते बाजार के बीच कुछ शेयरों में मजबूती भी देखने को मिली. बर्कशायर हैथवे (Berkshire Hathaway) के शेयर एक प्रतिशत से ज्यादा चढ़े, क्योंकि कंपनी ने 2024 के बाद पहली बार अपने ही शेयरों की बायबैक प्रक्रिया फिर से शुरू करने की जानकारी दी. कंपनी ने यह भी बताया कि उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी ग्रेग एबेल (Greg Abel) ने करीब 15 मिलियन डॉलर के बर्कशायर शेयर खरीदे हैं, जिससे निवेशकों के बीच सकारात्मक संकेत गया.
भारत पर असर
भारत के बाजार को अक्सर अमेरिकी स्टॉक मार्केट अनुसरण करते हुए देखा जाता है. आज ही घरेलू शेयर मार्केट ने 3 दिन की गिरावट को खत्म करके हरे निशान पर कारोबार बंद किया था. लेकिन अमेरिकी मार्केट का रुख देखते हुए लगता है कि शुक्रवार को एक बार फिर सेंसेक्स और निफ्टी लाल हो सकते हैं. आज सेंसेक्स 899 पॉइंट उठकर 80,015 पर बंद हुआ था. वहीं, 50 शेयरों वाले निफ्टी ने 285 अंकों की बढ़त के साथ 24,765 पर बंद हुआ.
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