बाजार में आई इस बिजली जैसी तेजी का मुख्य कारण मध्य पूर्व (West Asia) से आई एक रिपोर्ट थी. स्काई न्यूज अरबिया ने दावा किया कि ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने संकेत दिया है कि यदि अमेरिका कोई संतोषजनक वैकल्पिक प्रस्ताव देता है, तो ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम रोकने को तैयार है. इस खबर को बाजार ने ‘युद्ध विराम’ और ‘तनाव कम होने’ के संकेत के रूप में लिया. जैसे ही यह हेडलाइन स्क्रीन्स पर फ्लैश हुई, शॉर्ट कवरिंग और नई खरीदारी का ऐसा दौर चला कि निफ्टी और सेंसेक्स रॉकेट बन गए. वैश्विक स्तर पर वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स, जो पहले लाल निशान में थे, वे भी इस खबर के दम पर रिकवर होकर सपाट स्तर पर आ गए.
स्पष्टीकरण से थमा जोश
हालांकि, यह तेजी अपनी पूरी ऊंचाई को बरकरार नहीं रख सकी. कुछ ही देर बाद ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने स्पष्ट किया कि उप विदेश मंत्री का यह बयान वर्तमान संकट से नहीं, बल्कि अतीत में अमेरिका के साथ हुई परमाणु वार्ता से संबंधित था. स्पष्टीकरण के बाद सेंसेक्स ऊपरी स्तरों से करीब 300 अंक नीचे फिसला, लेकिन फिर भी 1.14% की बढ़त के साथ 80,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा.
क्या आज भी जारी रहेगा तेजी का जोश?
बाजार के जानकारों और टेक्निकल एनालिस्ट्स के बीच इस तेजी को लेकर मिली-जुली राय है. अरिहंत कैपिटल मार्केट्स की अनीता गांधी के अनुसार, यह तेजी एक ‘अस्थायी उछाल’ (Relief Rally) हो सकती है. अमेरिकी राष्ट्रपति के उस बयान ने भी राहत दी है जिसमें उन्होंने कच्चे तेल की सप्लाई सुरक्षित रखने का भरोसा दिया है, लेकिन युद्ध की अनिश्चितता अभी खत्म नहीं हुई है.
एलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक डे का मानना है कि चार्ट्स पर स्थिति अभी भी नाजुक है. निफ्टी अभी भी अपने 200-दिन के मूविंग एवरेज (200 DMA) से नीचे ट्रेड कर रहा है. जब तक इंडेक्स इस स्तर के नीचे है, तब तक हर उछाल पर बिकवाली का दबाव देखा जा सकता है. मौजूदा बाजार में विशेषज्ञों ने “Sell on Rise” यानी ‘बढ़त पर बिकवाली’ की रणनीति अपनाने की सलाह दी है.
विश्लेषकों का मानना कहना है कि निफ्टी के लिए 24,850 और 25,000 का स्तर पार करना एक बड़ी चुनौती है. जब तक निफ्टी 25,000 के ऊपर मजबूती से बंद नहीं होता, तब तक इसे ‘बुल मार्केट’ की वापसी नहीं माना जा सकता. नीचे की ओर 24,530 और 24,300 महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन हैं. यदि बाजार इन स्तरों को तोड़ता है, तो गिरावट और गहरी हो सकती है.
(Disclaimer: यहां बताए गए स्टॉक्स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)
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