सुबह 9:15 बजे तक निफ्टी 0.45 प्रतिशत बढ़कर 25,808.5 पर पहुंच गया, जबकि सेंसेक्स 0.5 प्रतिशत की मजबूती के साथ 83,995.64 के स्तर पर कारोबार करता दिखा. शुक्रवार को जारी अंतरिम व्यापार ढांचे से संकेत मिला कि भारत और अमेरिका टैरिफ घटाने, ऊर्जा सहयोग बढ़ाने और वैश्विक सप्लाई चेन को नए सिरे से संतुलित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. इससे भारतीय कंपनियों, खासकर निर्यातकों को फायदा मिलने की उम्मीद जगी है.
तेजी वाले शेयरों में भारतीय स्टेट बैंक सबसे आगे रहा. 10:25 बजे तक इसका शेयर 62.40 रुपये उछलकर 1,128.80 रुपये पर पहुंच गया, जो करीब 5.85 प्रतिशत की बढ़त है. इसके अलावा डॉ. रेड्डीज लैब्स 22.60 रुपये की तेजी के साथ 1,263.80 रुपये पर ट्रेड करता नजर आया. इसमें 1.82 प्रतिशत का लाभ दर्ज किया गया. कोटक महिंद्रा 7.15 रुपये बढ़कर 429.50 रुपये पर पहुंच गया, जिसमें 1.69 प्रतिशत की तेजी रही. टाइटन कंपनी का शेयर 71.80 रुपये चढ़कर 4,212.80 रुपये पर पहुंच गया, यानी 1.73 प्रतिशत की मजबूती दिखी. वहीं श्रीराम फाइनेंस 17.20 रुपये की बढ़त के साथ 1,019.70 रुपये पर कारोबार करता दिखा, जो 1.72 प्रतिशत की तेजी है.
दूसरी ओर गिरावट वाले शेयरों में मैक्स हेल्थकेयर 17.45 रुपये (1.68 प्रतिशत) फिसलकर 1,022.40 रुपये पर आ गया. ओएनजीसी 2.95 रुपये टूटकर 266.00 रुपये पर पहुंचा, जिसमें 1.10 प्रतिशत की कमजोरी रही. बजाज फाइनेंस 9.85 रुपये गिरकर 971.85 रुपये पर आ गया, जो 1 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है. नेस्ले का शेयर 11.90 रुपये लुढ़ककर 1,291.40 रुपये पर पहुंचा और इसमें 0.91 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली.
क्या है इस तेजी की वजह?
इस तेजी में भारतीय स्टेट बैंक की बड़ी भूमिका रही. बैंक ने तीसरी तिमाही में अनुमान से ज्यादा मुनाफा दर्ज किया और वित्त वर्ष 2026 के लिए कर्ज वृद्धि लक्ष्य को बढ़ा दिया. इसके बाद बैंक का शेयर करीब 6 प्रतिशत उछलकर 1,128.80 रुपये पर पहुंच गया.
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य बाजार रणनीतिकार आनंद जेम्स ने कहा, “25440 के स्तर तक गिरावट आकर गैप भरने की जो उम्मीद थी, वह पूरी नहीं हुई. हालांकि 25500 के नीचे थोड़ी फिसलन यह संकेत देती है कि ऊपर की रफ्तार में कुछ कमजोरी आई है. फिर भी पिछले सप्ताह 25700 के आसपास लगातार बंद होना दर्शाता है कि बाजार में पर्याप्त खरीदारी का इंटरेस्ट बना हुआ है और 26020 का लक्ष्य हासिल हो सकता है. अगर 25830 के ऊपर टिके रहने में बाजार नाकाम रहता है तो इसे कमजोरी का संकेत माना जा सकता है.”
बाजार को ऊपर ले जाने वाली हवाएं मौजूद
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा, “निकट अवधि में बाजार को ऊपर ले जाने वाली अनुकूल हवाएं मौजूद हैं. भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर स्पष्टता से संकेत मिलता है कि भारतीय कारोबार, खासकर निर्यातक, लाभान्वित होंगे. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस समझौते को लेकर जो अनिश्चितता बाजार पर दबाव बना रही थी, वह अब काफी हद तक दूर हो गई है. अमेरिकी बाजार में सुधार और अन्य वैश्विक बाजारों से मिल रहे सकारात्मक संकेत जोखिम लेने की नई लहर का संकेत देते हैं. एक बड़ा सकारात्मक पहलू यह है कि जो विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे थे, उन्होंने पिछले चार कारोबारी सत्रों में से तीन में नकद बाजार में खरीदारी की है. डेरिवेटिव बाजार में अब भी भारी नेट शॉर्ट पोजीशन बनी हुई है, जिससे शॉर्ट कवरिंग की उम्मीद के चलते बाजार को सहारा मिल सकता है. सेक्टर के लिहाज से ‘एंथ्रोपिक झटके’ का असर आईटी क्षेत्र की धारणा पर बना रह सकता है. इसके विपरीत, कर्ज वृद्धि में सुधार की खबरों से बैंकिंग शेयरों में मजबूती आ सकती है, जिसका सकारात्मक असर वित्त वर्ष 2027 में जीडीपी वृद्धि और कॉरपोरेट मुनाफे पर दिखेगा.”
कुल मिलाकर बाजार में फिलहाल भरोसा लौटता नजर आ रहा है. विदेशी निवेशकों की वापसी, बैंकिंग सेक्टर की मजबूती और व्यापार समझौते पर साफ तस्वीर ने निवेशकों के मन से डर कम किया है. हालांकि कुछ स्तरों पर सावधानी की जरूरत बनी हुई है, लेकिन मौजूदा संकेत बताते हैं कि बाजार में तेजी की संभावना अभी खत्म नहीं हुई है.
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