मंगलवार का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. सुबह से ही बाजार में सुस्ती का माहौल था, लेकिन दोपहर होते-होते बिकवाली का दबाव इतना बढ़ा कि सेंसेक्स और निफ्टी अपने महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल को तोड़कर नीचे चले गए. बाजार की इस गिरावट में सबसे ज्यादा मार मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर पड़ी है, जहाँ कई शेयरों में 12 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. बाजार की चौड़ाई (Market Breadth) नकारात्मक रही, जहाँ गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों के मुकाबले कहीं अधिक थी.
किस सेक्टर में कितनी गिरावट
निफ्टी का एक भी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में नहीं बंद हुआ. सबसे ज्यादा नुकसान निफ्टी रियल्टी को हुआ. नीचे सभी सेक्टर्स का डाटा देख सकते हैं.
- निफ्टी रियल्टी (Nifty Realty): आज के बाजार में सबसे ज्यादा पिटाई रियल्टी सेक्टर की हुई, यह इंडेक्स 5.04% की भारी गिरावट के साथ 793.90 के स्तर पर बंद हुआ.
- निफ्टी ऑटो (Nifty Auto): ऑटो सेक्टर में भी बड़ी बिकवाली देखी गई और यह इंडेक्स 2.48% टूटकर 26,948.10 के स्तर पर आ गया.
- निफ्टी आईटी (Nifty IT): आईटी शेयरों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा, जिससे इंडेक्स 2.06% गिरकर 38,101.05 पर बंद हुआ.
- निफ्टी फार्मा (Nifty Pharma): हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर भी दबाव से अछूते नहीं रहे, निफ्टी फार्मा 1.91% की गिरावट के साथ 21,714.30 के स्तर पर रहा.
- निफ्टी मेटल (Nifty Metal): वैश्विक ट्रेड वॉर की आशंकाओं के बीच मेटल इंडेक्स 1.89% की गिरावट लेकर 11,374.45 के स्तर पर बंद हुआ.
- निफ्टी एफएमसीजी (Nifty FMCG): घरेलू खपत से जुड़े इस सेक्टर में भी 1.48% की सुस्ती रही और इंडेक्स 51,713.00 पर आ गया.
- निफ्टी पीएसयू बैंक (Nifty PSU Bank): सरकारी बैंकों में मुनाफावसूली हावी रही, जिससे यह इंडेक्स 1.31% गिरकर 8,868.85 के स्तर पर बंद हुआ.
- निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (Nifty Financial Services): यह इंडेक्स 1.21% की कमजोरी के साथ 29,733.90 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा.
- निफ्टी प्राइवेट बैंक (Nifty Private Bank): निजी क्षेत्र के बैंकों में तुलनात्मक रूप से कम गिरावट रही, इंडेक्स 0.96% टूटकर 28,405.15 के स्तर पर रहा.
- निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (Nifty Consumer Durables): उपभोक्ता वस्तुओं के शेयरों में भारी बिकवाली से यह इंडेक्स 2.80% गिरकर 35,328.15 पर बंद हुआ.
- निफ्टी ऑयल एंड गैस (Nifty Oil & Gas): कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता के बीच यह सेक्टर 1.66% की गिरावट के साथ 11,372.25 के स्तर पर रहा.
- निफ्टी मीडिया (Nifty Media): मीडिया शेयरों में भी मंदी का माहौल रहा और इंडेक्स 1.75% गिरकर 1,360.40 के स्तर पर आ गया.
- निफ्टी केमिकल्स (Nifty Chemicals): केमिकल सेक्टर में आज 2.85% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई और इंडेक्स 27,645.30 पर बंद हुआ.
क्या है विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक मोर्चे पर बढ़ती अनिश्चितता और घरेलू स्तर पर मिले-जुले तिमाही नतीजों ने निवेशकों को मुनाफावसूली के लिए मजबूर कर दिया है. इसके अलावा, अमेरिका द्वारा नए टैरिफ (Tariffs) की धमकी और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने ‘रिस्क-ऑफ’ सेंटिमेंट पैदा कर दिया है, जिससे वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय इक्विटी से भी पैसा बाहर निकल रहा है.
बाजार में भारी गिरावट के 10 मुख्य कारण
शेयर बाजार के आज धराशायी होने के पीछे कई बड़े कारण रहे हैं, जिन्हें समझना निवेशकों के लिए जरूरी है
1. ट्रेड वॉर की आशंका: अमेरिकी टैरिफ नीतियों को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और अमेरिका-यूरोप के बीच व्यापारिक तनाव ने वैश्विक बाजारों में खलबली मचा दी है.
2. FIIs की लगातार बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने सोमवार को 3,262 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे. यह इस महीने लगातार 10वां सत्र है जब विदेशी फंड्स बाहर निकले हैं.
3. Q3 नतीजों का दबाव: विप्रो जैसी बड़ी कंपनियों के कमजोर नतीजों और कमजोर गाइडेंस ने आईटी सेक्टर को नीचे धकेला. तीसरी तिमाही के शुरुआती नतीजे अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे हैं.
4. कमजोर वैश्विक संकेत: एशियाई बाजारों में गिरावट और अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में 1% से ज्यादा की कमजोरी ने घरेलू निवेशकों के भरोसे को तोड़ दिया.
5. India VIX में उछाल: बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया विक्स (India VIX) 4% से ज्यादा बढ़कर 12.34 के स्तर पर पहुँच गया, जो बढ़ती घबराहट का संकेत है.
6. रुपये की कमजोरी: डॉलर की बढ़ती मांग और विदेशी फंड आउटफ्लो के कारण रुपया 8 पैसे कमजोर होकर 90.98 के स्तर पर पहुंच गया.
7. कच्चे तेल की कीमतें: ब्रेंट क्रूड ऑयल 0.11% बढ़कर 64.01 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया, जिससे महंगाई और राजकोषीय दबाव की चिंता बढ़ गई है.
8. US सुप्रीम कोर्ट का फैसला: निवेशक डोनाल्ड ट्रंप के समय के टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले का इंतजार कर रहे हैं, जो बाजार की दिशा बदल सकता है.
9. निफ्टी वीकली एक्सपायरी: मंगलवार को निफ्टी की साप्ताहिक एक्सपायरी के कारण बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया.
10. PSU बैंक शेयरों में गिरावट: सरकारी बैंकों के शेयरों में भी चौतरफा बिकवाली हुई, जिससे पीएसयू बैंक इंडेक्स 1% से ज्यादा गिर गया.
तकनीकी विश्लेषण और आगे की राह
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य बाजार रणनीतिकार आनंद जेम्स के अनुसार, निफ्टी का हालिया निचले स्तरों पर सपोर्ट लेना उत्साहजनक है, लेकिन बाजार के लिए 25,550 का स्तर पार करना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है. जब तक सूचकांक इस स्तर के ऊपर टिकने में विफल रहता है, तब तक शॉर्ट-टर्म में रिकवरी की संभावनाएं सीमित दिख रही हैं.
मिडकैप सेगमेंट में ओबेरॉय रियल्टी और स्मॉलकैप में ओला इलेक्ट्रिक जैसे शेयरों में आई बड़ी गिरावट यह दर्शाती है कि निवेशक अब रिस्की दांव लगाने से बच रहे हैं. आने वाले दिनों में ऑटो सेक्टर के नतीजे और अमेरिका-यूरोप के बीच टैरिफ विवाद पर स्पष्टता ही बाजार को अगली दिशा देगी.
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.