Stock Market Fall Reasons: आज 12 फरवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट हावी रही, सेंसेक्स 518 अंक गिरकर 83,715 पर और निफ्टी 137 अंक टूटकर 25,816 पर पहुंच गया. बाजार की कमजोरी की मुख्य वजह आईटी शेयरों में भारी बिकवाली रही, जिससे निफ्टी आईटी इंडेक्स 4% से ज्यादा गिर गया. टेक महिंद्रा, इंफोसिस और विप्रो जैसे शेयर करीब 5% तक टूटे. एक्सपर्ट्स के मुताबिक अमेरिका के मजबूत जॉब डेटा और 4.3% बेरोजगारी दर के कारण फेड द्वारा जल्द रेट कट की उम्मीद कम हुई है, जिससे आईटी सेक्टर पर दबाव बढ़ा है.
आपको बता दें कि इस गिरावट की मुख्य वजह आईटी शेयरों में तेज बिकवाली को माना जा रहा है. आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ. निफ्टी आईटी इंडेक्स 4 प्रतिशत से ज्यादा गिरा और ये दिन का सबसे बड़ा लूजर सेक्टर रहा. टेक महिंद्रा, इंफोसिस और विप्रो जैसे बड़े शेयर 5 प्रतिशत तक गिर गए. साल 2025 में आईटी इंडेक्स 12.6 प्रतिशत गिर चुका था और 2026 में अब तक करीब 11 प्रतिशत नीचे आ गया है. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ये गिरावट अमेरिका की मजबूत जॉब डेटा से आई है. जनवरी में अमेरिका में 1.30 लाख नई नौकरियां आईं और बेरोजगारी दर 4.3 प्रतिशत पर आ गई. इससे फेड रेट कट की उम्मीद कम हो गई. मजबूत जॉब डेटा से रेट कट जल्दी नहीं होगा ऐसा लग रहा है जिससे आईटी कंपनियों पर दबाव बढ़ा.
एआई ने बढ़ाई आईटी कंपनियों की चिंता
इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से आईटी सेक्टर में डिसरप्शन की चिंता भी है. एआई से पुराने मॉडल बिगड़ सकते हैं, बिलेबल आवर्स कम हो सकते हैं और हेडकाउंट घट सकता है. भारतीय आईटी फर्म्स पर ये असर पड़ रहा है. वेंचर सिक्योरिटीज के विनीत बोलिंजकर कहते हैं कि ये घुटने का रिएक्शन भी है और असली खतरे की चिंता भी. जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार कहते हैं कि आईटी शेयर जल्दी रिकवर नहीं करेंगे क्योंकि अमेरिका में उनके एडीआर भी तेज गिरे हैं. भारत में रेट कट साइकिल खत्म हो चुकी लग रही है क्योंकि ग्रोथ अच्छी है और महंगाई आरबीआई के टारगेट पर आने वाली है.
ग्लोबल संकेत और ब्रेंट क्रूड का हाल
अमेरिकी बाजार बुधवार को नीचे बंद हुए. एशिया में हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स लाल निशान में था. क्रूड ऑयल की कीमतें भी बढ़ीं. ब्रेंट क्रूड 0.46 प्रतिशत ऊपर 69.72 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव से ये बढ़ोतरी हुई. भारत जैसे ऑयल इंपोर्टर देश के लिए महंगा तेल नुकसानदायक है क्योंकि ट्रेड डेफिसिट बढ़ सकता है और महंगाई पर असर पड़ सकता है.
निफ्टी के टॉप गेनर्स और लूजर्स
निफ्टी 50 में टॉप लूजर्स टेक महिंद्रा, इंफोसिस और विप्रो रहे जबकि बाजाज फाइनेंस और एसबीआई जैसे शेयर 2 प्रतिशत तक ऊपर रहे. बाजार की चौड़ाई नेगेटिव रही क्योंकि ज्यादा शेयर गिरे. टेक्निकल रूप से निफ्टी अपट्रेंड में है और की मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है. 26,000 पर रेजिस्टेंस है अगर टूटा तो नया हाई 26,373 तक जा सकता है. सपोर्ट 25,700-25,780 पर है. बाजार में प्रॉफिट बुकिंग भी देखने को मिल रही है. खासकर, आईटी सेक्टर की कमजोरी से पूरा बाजार प्रभावित हुआ. निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए और कंपनी के फंडामेंटल्स देखने चाहिए. आने वाले दिनों में अमेरिकी इन्फ्लेशन डेटा और फेड के फैसले अहम होंगे. फिलहाल आईटी शेयरों में दबाव बना हुआ है और ऐसे में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.
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