निफ्टी50 में ETERNAL, InterGlobe Aviation और SBI Life Insurance Company टॉप लूजर्स रहे, जो 3% तक गिर गए. वहीं Dr. Reddy’s Laboratories और Hindalco Industries 3% तक उछले और टॉप गेनर्स रहे. मार्केट ब्रेड्थ नेगेटिव रही, जिसमें लगभग 1,630 शेयर बढ़े, 1,729 शेयर गिरे और 165 शेयर स्थिर रहे.
शेयर बाजार में दबाव के कारण
FII आउटफ्लो: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार भारतीय शेयरों को बेचा, गुरुवार को ₹2,549.80 करोड़ के शेयर बेचकर जनवरी में लगातार 13वें सत्र में नेट सेलिंग दर्ज की. Geojit Investments के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी.के. विजयकुमार के अनुसार, FIIs का रुख भारत में कॉर्पोरेट अर्निंग्स के ट्रेंड पर निर्भर करेगा. जब तक मजबूत अर्निंग्स नहीं आती, FIIs हर छोटे रैली को शॉर्ट पोजीशन बढ़ाने के मौके के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं.
कमजोर तिमाही नतीजे: इंडेक्स के बड़े शेयरों के कमजोर नतीजों ने भी दबाव बढ़ाया. ICICI बैंक और HCL Technologies जैसे कंपनियों के नतीजे निवेशकों का उत्साह कम करने वाले रहे.
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें: ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.8% बढ़कर $64.57 प्रति बैरल हो गई. उच्च तेल कीमतें भारत में व्यापार घाटा बढ़ा सकती हैं और महंगाई का दबाव बढ़ा सकती हैं, जिससे शेयर बाजार पर असर पड़ता है.
भूराजनीतिक चिंता: गुरुवार को संकेत मिले कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप पर संभावित टैरिफ और ग्रीनलैंड पर बल प्रयोग की योजना में नरमी दिखाई, जिससे तात्कालिक तनाव कम हुआ. इसके बावजूद, सप्ताहभर में बाजार लगभग 1.5% कमजोर रहा. निवेशक और नीतिनिर्माता लंबी अवधि के भू-राजनीतिक प्रभावों का आकलन कर रहे हैं.
Reuters के अनुसार, ट्रंप की पुरानी धमकियों ने यूरोप में अमेरिका के साथ पारंपरिक साझेदारी पर भरोसा कमजोर कर दिया है. EU के अधिकारियों और नेताओं ने माना कि रिश्तों में काफी तनाव पैदा हुआ है.
अडानी शेयरों में बिकवाली: अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई. रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने अमेरिकी अदालत से अनुमति मांगी है कि वे अरबपति गौतम अडानी और ग्रुप एग्जीक्यूटिव सागर अडानी को कथित धोखाधड़ी और $265 मिलियन की रिश्वतखोरी के मामले में व्यक्तिगत रूप से समन्स भेज सकें.
बैंक शेयरों में दबाव: बैंक निफ्टी ने पिछली सत्र की तेजी को खो दिया और घरेलू बाजार में व्यापक बिकवाली के चलते लगभग 1% गिर गया. पंजाब नेशनल बैंक और यस बैंक इस इंडेक्स में प्रमुख कमजोर शेयर रहे.
रुपया रिकॉर्ड नीचले स्तर पर: विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच शुक्रवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91.99 रुपये पर पहुंच गया, जो इतिहास में अब तक का सबसे नीचा स्तर है. इंट्राडे ट्रेडिंग में रुपया 41 पैसे गिरा. विदेशी मुद्रा ट्रेडर्स का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक का हस्तक्षेप उतार-चढ़ाव को कुछ हद तक कम कर रहा है, लेकिन कुल मिलाकर रुपये की गिरावट की प्रवृत्ति पर असर नहीं डाल रहा. इसके अलावा, अमेरिका के साथ लंबित व्यापार समझौता रुपया स्थिर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
क्या आगे भी दिखेगी गिरावट?
मोतिलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज़ के उपाध्यक्ष रुचित जैन के अनुसार, निफ्टी का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड नेगेटिव है. इंडेक्स ने हाल ही में “लोअर टॉप, लोअर बॉटम” का पैटर्न बनाया है और बाजार में व्यापक बिकवाली देखी गई है. निफ्टी के लिए तत्काल प्रतिरोध 25,400 पर है. जब तक इंडेक्स इस स्तर से नीचे ही ट्रेड करता रहेगा, डाउनट्रेंड जारी रहने की संभावना है. ट्रेडर्स को ट्रेंड में कोई बदलाव दिखने तक सतर्क रहने की सलाह दी जाती है.
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