वैश्विक व्यापार चिंताओं, घरेलू आर्थिक आंकड़ों और डेरिवेटिव्स एक्सपायरी को देखते हुए एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन जारी रहने की संभावना है.
विश्लेषकों का मानना है कि 24 फरवरी को होने वाली फरवरी एफएंडओ एक्सपायरी से पहले ट्रेडर्स अपनी पोजीशन समायोजित करेंगे.
अगले सप्ताह भारतीय निवेशकों के लिए सबसे बड़ा ‘ट्रिगर’ सात समंदर पार अमेरिका से आने वाली खबरें होंगी. नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ से जुड़े संभावित फैसलों पर पूरी दुनिया की नजर है. टैरिफ नीतियों में किसी भी प्रकार का बदलाव वैश्विक व्यापार प्रवाह को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकता है. पिछले सत्र में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को जोरदार वापसी की. 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 317 अंक यानी 0.38 प्रतिशत चढ़कर 82,814.71 पर बंद हुआ, तो वहीं एनएसई निफ्टी 116.90 (0.46 प्रतिशत) अंकों की बढ़त के साथ 25,571.25 पर पहुंच गया.
टैरिफ से जुड़े फैसले अहम
आगे चलकर वैश्विक व्यापार से जुड़े घटनाक्रम फोकस में रहेंगे. निवेशक अमेरिका में टैरिफ से जुड़े फैसलों के प्रभाव का आकलन कर रहे हैं, खासकर किसी कानूनी व्याख्या या नीति बदलाव का, जो वैश्विक व्यापार प्रवाह को प्रभावित कर सकता है. इस मोर्चे पर कोई भी बड़ा घटनाक्रम वैश्विक बाजारों और उसके असर से भारतीय निवेशकों की धारणा पर प्रभाव डाल सकता है.
27 को जारी होगी जीडीपी के आंकड़े
घरेलू स्तर पर, अब ध्यान प्रमुख आर्थिक संकेतकों पर रहेगा. बाजार सहभागियों को नई शृंखला के तहत अगले तिमाही जीडीपी अनुमान का इंतजार है, जो 27 फरवरी को सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी किए जाएंगे. जीडीपी आंकड़ों के अलावा निवेशक सरकार के बजट आंकड़े, विदेशी मुद्रा भंडार और साल-दर-साल आधार पर बुनियादी ढांचा उत्पादन के आंकड़ों पर भी नजर रखेंगे, जिससे अर्थव्यवस्था की सेहत के बारे में संकेत मिलेंगे. मासिक डेरिवेटिव्स एक्सपायरी के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है. विश्लेषकों का मानना है कि 24 फरवरी को होने वाली फरवरी एफएंडओ एक्सपायरी से पहले ट्रेडर्स अपनी पोजीशन समायोजित करेंगे, जिससे अस्थिरता बनी रह सकती है.
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.