आपको जानकर हैरानी होगी कि उनके पोर्टफोलियो में दो स्टॉक्स सुंदरशन केमिकल इंडस्ट्रीज और ग्लोबल वेक्ट्रा हेलीकॉर्प पिछले छह महीनों में काफी गिरावट झेल चुके हैं. ये दोनों स्टॉक्स 35 से 40 प्रतिशत तक नीचे आए हैं और अब 52-वीक लो के करीब ट्रेड कर रहे हैं. लेकिन वियज केडिया अभी भी इन कंपनियों में निवेशक बने हुए हैं. जैसा कि हमने बताया कि वियज केडिया की निवेश शैली SMILE पर आधारित है यानी वे ऐसी कंपनियों में लंबे समय के लिए निवेश करते हैं जो अभी छोटी हैं लेकिन भविष्य में बड़ी बन सकती हैं. गिरावट में भी उनका ये निवेश इस बात की तरफ साफ इशारा कर रहा है कि इन कंपनियों में भविष्य में सुधार की उम्मीद नजर आ रही है.
छह महीनों में ये स्टॉक 40% गिरा
कंपनियों की बात करें तो, मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, सुंदरशन केमिकल इंडस्ट्रीज 1974 में शुरू हुई, जो ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक पिगमेंट बनाती है और इंडस्ट्रियल टूल भी बनाती है. यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी पिगमेंट बनाने वाली कंपनी है. 5 मार्च 2026 तक इसका मार्केट कैप करीब 6,527 करोड़ रुपये था. कंपनी की बिक्री FY20 में 1,708 करोड़ रुपये से बढ़कर FY25 में 3,346 करोड़ रुपये हो गई. विजय केडिया दिसंबर 2015 से इसमें निवेशक हैं और उनके पास 1.3 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो करीब 83 करोड़ रुपये की है. हाल के समय में DII (डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स) की हिस्सेदारी दिसंबर 2024 के 19 प्रतिशत से बढ़कर दिसंबर 2025 में 25 प्रतिशत हो गई.
लेकिन पिछले छह महीनों में स्टॉक करीब 40 प्रतिशत गिरा है. इसके पीछे की अहम वजह Heubach Group का अधिग्रहण है, जिससे कंपनी पर करीब 2,200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज आ गया. यूरोप और अमेरिका में पिगमेंट की मांग कमजोर रही, जिससे बिक्री पर असर पड़ा. अधिक ब्याज लागत से मार्जिन दबाव में आए और FY26 की दिसंबर तक की तीन तिमाहियों में कंपनी को करीब 42 करोड़ रुपये का घाटा हुआ. दिसंबर 2025 तिमाही में ही 116 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ और ऑपरेटिंग मार्जिन सिर्फ 2 प्रतिशत रह गया.
इस शेयर में आई 37% की गिरावट
दूसरी कंपनी की बात करें तो ग्लोबल वेक्ट्रा हेलीकॉर्प 1988 में स्थापित कंपनी हुई और ये हेलीकॉप्टर चार्टर सर्विसेस देती है. यह भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट हेलीकॉप्टर सर्विस कंपनी है. इसका मार्केट कैप करीब 215 करोड़ रुपये है. विजय केडिया ने मार्च 2024 तिमाही में इसे पोर्टफोलियो में जोड़ा था. उनके पास व्यक्तिगत रूप से 3 प्रतिशत और Kedia Securities Private Limited के जरिए 1.86 प्रतिशत हिस्सेदारी है. यानी कुल 4.9 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो करीब 10.5 करोड़ रुपये की है. कंपनी पर 635 करोड़ रुपये का कर्ज है और डेट-टु-इक्विटी रेशियो 141 है.
पिछले छह महीनों में स्टॉक 244 रुपये से गिरकर 154 रुपये के आसपास आ गया, यानी 37 प्रतिशत की गिरावट. वजह भारी कर्ज, ऊंची ब्याज लागत और फ्लीट (हेलीकॉप्टर) मेंटेनेंस के महंगे खर्च हैं, जिससे कैश फ्लो पर दबाव पड़ा. कंपनी की बिक्री में ज्यादा तेजी नहीं आई और मुनाफा नेगेटिव रहा. हाल की तिमाही में नेट लॉस बढ़ा और PE नेगेटिव हो गया. कुछ बड़े निवेशकों ने भी हिस्सेदारी कम की, जिससे बाजार का भरोसा टूटा.
दोनों कंपनियां अभी चुनौतियों से जूझ रही हैं. सुंदरशन केमिकल इंडस्ट्रीज पर कर्ज और कमजोर मांग की मुसीबत है, जबकि ग्लोबल वेक्ट्रा पर कर्ज और कैश फ्लो की समस्या है. लेकिन विजय केडिया का इनमें बने रहना दिखाता है कि वे गिरावट को अस्थायी मानते हैं और लंबे समय में सुधार की उम्मीद रखते हैं. केडिया लंबे समय के निवेशक हैं और कंपनी के फंडामेंटल्स पर भरोसा करते हैं.
(Disclaimer: यहां बताए गए स्टॉक्स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)
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