Success Story: नौकरी के पीछे भागने के बजाय खुद का रास्ता बनाने का जुनून हो, तो कामयाबी कदम चूमती है. सहरसा के सितनाबाद गांव के बेलाल उद्दीन इसकी जीती-जागती मिसाल हैं. हरियाणा से सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद बेलाल ने दफ्तरों के चक्कर काटने के बजाय यूट्यूब को अपना गुरु बनाया और शुरू किया बत्तख पालन का अनोखा सफर. यूट्यूब पर डक फार्मिंग के वीडियो से प्रेरित होकर बेलाल ने मुजफ्फरपुर से 200 चूजे मंगवाए. आज उनके 15 कट्ठा के फार्म में 1200 से अधिक देशी बत्तखें हैं. वर्तमान में हर दिन 400 से ज्यादा अंडे मिल रहे हैं, जबकि सर्दियों में यह उत्पादन 800 अंडे प्रतिदिन तक पहुंच जाता है. बिना किसी सरकारी मदद के, सिर्फ अपने जज्बे और परिवार के सहयोग से बेलाल ने इस कारोबार को खड़ा किया है. बेलाल न केवल खुद आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि उन्होंने कई स्थानीय लोगों को रोजगार भी दिया है. वे कहते हैं कि युवा यूट्यूब का सही इस्तेमाल करें तो बेरोजगारी दूर हो सकती है. आज पूरा गांव उन्हें बत्तख पालन किंग के नाम से जानता है.
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