Burhanpur Success Story: यह कहानी एक ऐसे बिजनेसमैन की है, जिसे अपने पिता से मेहनत, ईमानदारी और आत्मविश्वास की प्रेरणा मिली. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने मात्र ₹3000 की छोटी पूंजी से रेडीमेड कपड़ों का व्यवसाय शुरू किया. शुरुआती दौर में उन्हें ग्राहकों की कमी, आर्थिक तंगी और कड़ी प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. धीरे-धीरे गुणवत्ता, उचित कीमत और मेहनत के दम पर उनका कारोबार बढ़ने लगा. आज उनका रेडीमेड कपड़ों का बिजनेस न केवल मुनाफे में है, बल्कि कई लोगों को रोजगार भी दे रहा है.
दुकान संचालक ने दी जानकारी
लोकल 18 की टीम ने जब दुकान संचालक भूपेंद्र दत से बात की तो उन्होंने बताया कि मैंने एलएलबी की पढ़ाई पूरी करने के बाद सन 1988 में ₹3000 लगाकर रेडीमेड कपड़े की दुकान की शुरुआत की थी. छोटी सी दुकान से शुरुआत हुई थी शुरुआती दौर में मुझे काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी और मैं लगातार संघर्ष करता गया इस काम के लिए मेरे माता-पिता और भाइयों का मुझे काफी सहयोग मिला है. उसी की बदौलत आज मैं सक्सेस हो पाया हूं. पिछले 37 सालों से कपड़े की दुकान का संचालन कर रहा हूं मेरी दुकान गुजराती समाज मार्केट में है मेरे यहां पर रेडीमेड कपड़े मिलते हैं. शर्ट पैंट टी-शर्ट नाइट पेंट खरीदने के लिए लोग आते हैं.
गुजरात दिल्ली मुंबई से लाता हूं कपड़े
दुकान संचालक का भूपेंद्र दत्त का कहना है कि मैं यह रेडीमेड कपड़े गुजरात दिल्ली मुंबई से लेकर आता हूं और वहां पर मुझे सस्ते मिलते हैं. तो मैं भी दुकान पर सस्ते ही कपड़े बेचता हूं, इसलिए लोग मेरी दुकान पर खरीदी करने के लिए आते हैं. मेरी दुकान पर ₹500 में शर्ट और ₹500 में पेंट आसानी से मिल जाती है. इसलिए लोगों को भी पसंद आती है और लोग खरीदी करने के लिए आते हैं मैं तीन लोगों को रोजगार दे रहा हूं हर साल 5 से 6 लाख रुपए की कमाई कर लेता हूं. मेरा कहना है कि आज के युवा यदि कुछ बिजनेस करना चाहते हैं तो वह भी कपड़े का बिजनेस कर सकते हैं 5 से 6 लाख रुपए में कपड़े की दुकान शुरू हो जाती हैं.
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