Mahavir business Story : छत्तीसगढ़ के बाजारों में सेंधा नमक की मांग तेजी से बढ़ रही है. बीपी, शुगर और पाचन रोगों से परेशान लोग रिफाइंड नमक छोड़ सेंधा नमक अपना रहे हैं. हरियाणा के महावीर पिछले 7 साल से छत्तीसगढ़ में पिंक और काला सेंधा नमक बेच रहे हैं. पिंक नमक 60 और काला 80 रुपए किलो बिक रहा है, जिससे उन्हें रोज 3000 रुपए तक की कमाई हो रही है.
महावीर ने लोकल18 को बताया कि वे छत्तीसगढ़ में मुख्य रूप से दो प्रकार के सेंधा नमक बेचते हैं. पहला पिंक कलर का सेंधा नमक, जिसे आमतौर पर हिमालयन साल्ट कहा जाता है. इसकी कीमत 60 रुपए प्रति किलो है. महावीर के अनुसार यह नमक बीपी और शुगर के मरीजों के लिए काफी लाभकारी माना जाता है, क्योंकि इसमें सोडियम की मात्रा संतुलित होती है और यह शरीर में मिनरल बैलेंस बनाए रखने में मदद करता है. इसी वजह से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग इसे बाजार में मिलने वाले सामान्य नमक से बेहतर विकल्प मान रहे हैं.
एसिडिटी, गैस और पाचन संबंधी समस्याओं में बेहद कारगर
दूसरा प्रकार काले रंग का सेंधा नमक है, जिसे मटके में पकाकर तैयार किया जाता है. इसकी कीमत 80 रुपए प्रति किलो है. महावीर बताते हैं कि यह काला सेंधा नमक एसिडिटी, गैस और पाचन संबंधी समस्याओं में बेहद कारगर होता है. आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों में इसका इस्तेमाल लंबे समय से होता आ रहा है. छत्तीसगढ़ में इसकी डिमांड खास तौर पर उन लोगों में ज्यादा है, जो पेट की समस्याओं से परेशान रहते हैं.
महावीर ने सेंधा नमक की सप्लाई चेन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह नमक मूल रूप से सिंध क्षेत्र की खदानों से निकलता है. वहां से यह पंजाब पहुंचता है और फिर वे इसे पंजाब से पिकअप जैसे वाहनों के जरिए छत्तीसगढ़ लाते हैं. यहां वे सड़क किनारे अस्थायी दुकान लगाकर सीधे ग्राहकों को सेंधा नमक बेचते हैं. यह नमक देखने में पत्थर जैसा होता है, लेकिन खल-बट्टे में पीसकर सब्जियों और अन्य खाने में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है.
3000 रुपए तक की आमदनी
महावीर साल में करीब 10 महीने यह काम करते हैं. बरसात के मौसम में सड़क किनारे बिक्री में दिक्कत होने के कारण वे कुछ समय के लिए काम बंद रखते हैं. उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में सेंधा नमक बेचकर वे रोजाना करीब 3000 रुपए तक की आमदनी कर लेते हैं. लगातार सात वर्षों से इस काम में लगे महावीर का कहना है कि लोगों में सेहत को लेकर बढ़ती जागरूकता ने उनके कारोबार को मजबूती दी है.
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7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें
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