Success Story: बैंक से रिटायर एक मैनेजर ने जैविक खेती अपनाकर किसानों के लिए मिसाल कायम की है. उन्होंने 8 बीघा जमीन पर ऑर्गेनिक पद्धति से गन्ने की खेती की और पहली ही बार में 18 फुट लंबा गन्ना उगाकर बंपर पैदावार हासिल की. बिना रासायनिक खाद और कीटनाशकों के की गई यह खेती न सिर्फ लागत कम रही बल्कि उत्पादन भी बेहतर रहा, जिससे अन्य किसानों को जैविक खेती अपनाने की प्रेरणा मिली.
इससे पहले वे पारंपरिक खेती कर रहे थे, जिसमें आमदनी सीमित थी. लेकिन ऑर्गेनिक और वैज्ञानिक तरीके अपनाने के बाद उन्होंने अपने खेत में करीब 18 फुट लंबा गन्ना उगाकर आसपास के किसानों को भी चौंका दिया है. करौली से करीब 20 किलोमीटर दूर गंगापुर मार्ग पर स्थित खूबपूरा गांव में पहली बार इस तरह की गन्ने की बंपर पैदावार देखकर आसपास के किसान भी इस नवाचार से प्रेरित हो रहे हैं.
पत्नी से मिली ऑर्गेनिक खेती की प्रेरणा :
पंजाब नेशनल बैंक से रिटायर्ड मैनेजर रामकेश मीणा बताते हैं कि ऑर्गेनिक खेती के प्रति उनका रुझान शुरू से ही रहा है.रिटायरमेंट के बाद उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा अपनी स्वर्गीय पत्नी से मिली. वे बताते हैं कि नौकरी के दौरान भी वे अपने फार्म हाउस पर ऑर्गेनिक तरीके से सब्जियों की खेती करते थे.
पहले करते थे परंपरागत खेती :
रामकेश मीणा बताते हैं कि इससे पहले वे अपनी पुश्तैनी 8 बीघा जमीन पर गेहूं और सरसों की पारंपरिक खेती करते थे. लेकिन कम आमदनी के कारण उन्होंने कुछ नया करने का फैसला लिया. इसके बाद उन्होंने हरियाणा के अनुसंधान केंद्र से गन्ने की उन्नत किस्म C-0118 मंगवाकर वैज्ञानिक तरीके से खेती शुरू की. शुरुआत में उन्हें कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन लगातार मेहनत और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने के कारण पहली ही फसल में उन्हें अच्छी क्वालिटी का गन्ना मिला.
ऑर्गेनिक गन्ने से शुरू किया गुड़ उत्पादन :
बेहतर गुणवत्ता के गन्ने की पैदावार के बाद रामकेश मीणा ने खेत पर ही ऑर्गेनिक तरीके से गुड़ का उत्पादन भी शुरू कर दिया है. शुद्ध और ऑर्गेनिक गुड़ होने के कारण बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है.
पहली बार में शुद्ध गन्ने का उत्पादन :
रामकेश मीणा बताते हैं कि ऑर्गेनिक खेती और गोबर की खाद के उपयोग से उनके गन्ने में किसी प्रकार का रोग नहीं लगा. करीब 18 फुट लंबा गन्ना पूरी तरह शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण है. उनका कहना है कि गन्ने की खेती में लागत एक बार आती है और फसल तीन बार तक मिलती है. इसलिए किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ गन्ने की खेती भी करनी चाहिए. गन्ने की खेती से परंपरागत फसलों की तुलना में तीन से चार गुना अधिक सालाना आय प्राप्त की जा सकती है.
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