इसके बाद वह कहते हैं कि -पीएम मोदी ने एक बार कहा कि रितेश की बात सुनकर लगता है एक चाय वाले ने होटल चेन क्यों नहीं सोची. उनकी मां टीवी पर सुन रही थीं, पहले कहती थीं शायद गलत संगत में पड़ गया, एंटरप्रेन्योरशिप गलत रास्ता है, बायोडेटा में क्या लिखोगे, शादी कैसे होगी. लेकिन अब शादी हो गई तो वो चिंता नहीं. पिछले 10 साल में भारत बहुत बदल गया. जीडीपी दोगुनी से ज्यादा हो गई. आज मैट्रिमोनियल साइट्स पर फाउंडर होना इज्जत की बात है. दस साल पहले उल्टा था. हारवर्ड, स्टैनफर्ड से पढ़े भारतीय अब वापस भारत आकर स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं. रितेश कहते हैं छोटे शहर से भी हो तो दस साल बाद बड़ी कंपनी बना सकते हो.
देशभर में ऐसे बनाई पहचान
आपको बता दें कि रितेश अग्रवाल का जन्म 16 नवंबर 1993 को ओडिशा के बिस्सम कटक में हुआ. मारवाड़ी परिवार में पले, परिवार छोटी दुकान चलाता था. स्कूल सेंट जॉन्स से किया. दिल्ली में कॉलेज गए लेकिन जल्दी छोड़ दिया. 2011 में ओरावेल स्टेज (Oravel Stays) नाम से शुरू किया, एयरबीएनबी जैसा प्लेटफॉर्म. फिर 2012 में वेंचर नर्सरी प्रोग्राम से मदद मिली और 2013 में थील फेलोशिप जीती जिससे उन्हें 1 लाख डॉलर मिले. मई 2013 में कंपनी को ओयो रूम्स नाम दिया. आईडिया था बजट ट्रैवलर्स के लिए सस्ते, स्टैंडर्ड होटल रूम्स. ओयो खुद होटल नहीं बनाता है वहपार्टनर होटल्स को ब्रांडिंग, क्लीन रूम्स, वाईफाई, एसी जैसी सुविधाएं देता है और बुकिंग आसान करता है. ओयो तेजी से देशभर में फैल गया. 2015 में 25 मिलियन डॉलर फंडिंग आई. सॉफ्टबैंक से 100 मिलियन डॉलर मिले. 2016 में 1 मिलियन चेक-इन हुए, मलेशिया पहुंचा. 2017 में नेपाल. 2018 में यूके, यूएई, चीन, सिंगापुर, इंडोनेशिया. 2018 में यूनिकॉर्न बना.
आईपीओ से लेकर शार्क टैंक इंडिया तक सफर
2019 में 500 से ज्यादा शहरों में 3.3 लाख रूम्स. कोविड में मुश्किल आई, घाटा हुआ, कुछ कंट्रोवर्सी भी हुई थी. लेकिन रितेश ने कटौती, बेहतर ऑपरेशंस से संभाला. 2023-24 में पहला प्रॉफिट 229 करोड़. 2025 में प्रॉफिट 623 करोड़. 2026 में Q1 में 200 करोड़ प्रॉफिट हुआ. ओयो अब 40 से ज्यादा देशों में है, 10 लाख से ज्यादा रूम्स मैनेज करता है. पैरेंट कंपनी PRISM ने 2025 के अंत में 6650 करोड़ का आईपीओ अप्रूव कराया, वैल्यूएशन 7-8 बिलियन डॉलर. रितेश शार्क टैंक इंडिया सीजन 5 में में जज हैं . उनकी नेट वर्थ जनवरी 2026 में लगभग 16000 करोड़ रुपये है. वो भारत के सबसे युवा सेल्फ मेड बिलियनेयर में से एक हैं. 2023 में उनकी शादी गीतांशा सूद से हुई थी. रितेश की कहानी बताती है कि छोटे शहर से, कम उम्र में, मेहनत और हिम्मत से दुनिया जीती जा सकती है. मां का पहले डरना प्यार से था, लेकिन आज एंटरप्रेन्योर बनना सम्मान है. स्टार्टअप इंडिया ने ऐसे लाखों युवाओं को रास्ता दिखाया. रितेश जैसे लोग भारत को इनोवेशन का हब बना रहे हैं.
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