Success Story of Naturopath Dr. Rajendra Singh Rathore: जोधपुर के डॉ. राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से 10,000 से अधिक मरीजों का सफल इलाज किया है. वे एक्यूपंक्चर और होलिस्टिक पद्धति से कैंसर, हार्ट ब्लॉकेज और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों का बिना सर्जरी उपचार कर रहे हैं.
डॉ. राजेन्द्र सिंह राठौड़ कोई साधारण चिकित्सक नहीं हैं. उनके पास चिकित्सा क्षेत्र का 20 वर्षों का लंबा और विविधतापूर्ण अनुभव है. उन्होंने अपने करियर के दौरान कार्डिएक (हृदय), न्यूरो (तंत्रिका तंत्र) और ऑर्थो (हड्डी रोग) जैसे महत्वपूर्ण विभागों में वरिष्ठ सर्जनों और फिजिशियन के साथ काम किया है. इसी अनुभव के दौरान उन्होंने महसूस किया कि शरीर की अपनी एक हीलिंग पावर होती है. डॉ. राठौड़ बताते हैं कि होलिस्टिक हेल्थ केयर सेंटर के माध्यम से वे अब उन बीमारियों को ठीक कर रहे हैं. जहाँ एमआरआई और अन्य रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टरों ने सर्जरी के अलावा कोई रास्ता नहीं बताया था. वे एक्यूप्रेशर, एक्यूपंक्चर और नेचूरोपैथी की वैज्ञानिक गहराई में गए और आज लिगामेंट इंजरी, किडनी डायलिसिस और मांसपेशियों के जटिल रोगों का सफल उपचार कर रहे हैं.
हार्ट ब्लॉकेज और कैंसर में अविश्वसनीय सफलता
हृदय रोगों के बारे में डॉ. राठौड़ का नजरिया बेहद स्पष्ट है. वे कहते हैं कि हार्ट की बीमारी एक दिन में पैदा नहीं होती, बल्कि यह पूरे शरीर के सिस्टम के बिगड़ने और खराब जीवनशैली का परिणाम है. डॉ. राठौड़ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे मरीज की जीभ देखकर उसकी शारीरिक स्थिति और पल्स (नाड़ी) देखकर ब्लॉकेज की संख्या तक का पता लगा लेते हैं. एक्यूपंक्चर के कुछ ऐसे जादुई और वैज्ञानिक बिंदु हैं. जिन्हें सक्रिय करने मात्र से हार्ट के ब्लॉकेज खुलने लगते हैं. इसका जीवंत उदाहरण 59 वर्षीय कांतीलाल बाफना हैं. जिन्हें प्रोस्टेट कैंसर की आशंका थी और उनकी रिपोर्ट भी डराने वाली थीं. लेकिन डॉ. राठौड़ के उपचार के बाद जब वे एम्स के डॉक्टरों के पास पहुँचे, तो वहां के विशेषज्ञ भी यह देखकर दंग रह गए कि बिना सर्जरी इतना सुधार कैसे संभव हुआ.
राजस्थान से देशभर में फैलता सेवा का मिशन
जोधपुर के निवासी डॉ. राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने साल 2018 में, विशेष रूप से कोविड काल के दौरान ‘हॉलिस्टिक हेल्थ केयर सेंटर’ की नींव रखी थी. उस कठिन समय में उन्होंने लोगों की इम्युनिटी और इंटरनल एनर्जी बढ़ाने पर काम किया. आज उनकी टीम, जिसमें डॉ. उमा राठौड़, भूमि शर्मा, डिंपल वैष्णव और डॉ. चंचल जैसे विशेषज्ञ शामिल हैं, राजस्थान के तमाम जिलों में सैकड़ों कैंप आयोजित कर चुकी है. इन कैंपों में बीपी, शुगर, थायराइड, घुटने का दर्द, सर्वाइकल और स्लिप डिस्क जैसे मरीजों का ताँता लगा रहता है. आज मुंबई और बैंगलोर जैसे महानगरों से भी मरीज जोधपुर और पाली पहुँच रहे हैं. डॉ. राठौड़ का यह सफर केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि उन हजारों मरीजों के लिए एक नया जीवन है. जो ऑपरेशन के नाम से डरते थे या जिनके पास इलाज का कोई अन्य विकल्प शेष नहीं बचा था.
About the Author
Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.