Padma Shri 2026 Sridhar Ramamurthi: डॉ. श्रीधर राममूर्ति ने बताया कि इसके बाद उन्होंने ज्वाइन किया इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी जहां पर उन्होंने देश का पहला एजुकेशन पर आधारित टीवी चैनल लांच किया. जिसका नाम था ज्ञान दर्शन. भारत का पहला एजुकेशन पर आधारित एफएम रेडियो भी लॉन्च किया जिसका नाम था ज्ञान वाणी.
डॉ. श्रीधर राममूर्ति ने बताया कि उन्होंने 50 साल में आकाशवाणी और दूरदर्शन जैसे संस्थानों में काम किया. 1970 में उन्होंने दूरदर्शन ज्वाइन किया था और 1976 में विज्ञान सेल में उन्होंने ज्वाइन किया. सरकार ने पूरी मदद की. नई प्रोजेक्ट उन्होंने लॉन्च किया. उन्होंने कहा कि कौन कहता है कि सरकारी संस्थानों में आजादी नहीं होती. उन्हें उस वक्त पूरी आजादी मिली थी किसी भी कार्यक्रम को करने की. उन्होंने कहा कि 1993 में उन्होंने नए-नए प्रोग्राम से लोगों को जोड़ा जिसने एक नया ही इतिहास रचा. इन 50 सालों में उन्होंने आकाशवाणी और दूरदर्शन के लिए लंबे वक्त तक काम किया. आकाशवाणी भोपाल में उन्होंने एक प्रोजेक्ट लॉन्च किया था मानव का विकास. इस दौरान आकाशवाणी में रविवार को 9:00 से पहले 18 भाषाओं में उन्होंने 140000 लोगों का पंजीकरण करके एक पार्टिसिपेटिंग ब्रॉडकास्ट किया था जोकि उस समय एकदम नया था. किसी ने नहीं देखा था इसलिए उनकी पहचान बन सकी.
डॉ. श्रीधर राममूर्ति ने बताया कि इसके बाद उन्होंने ज्वाइन किया इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी जहां पर उन्होंने देश का पहला एजुकेशन पर आधारित टीवी चैनल लांच किया जिसका नाम था ज्ञान दर्शन. भारत का पहला एजुकेशन पर आधारित एफएम रेडियो भी लॉन्च किया जिसका नाम था ज्ञान वाणी. लगभग 36 एजुकेशन रेडियो सिस्टम उन्होंने इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी में लॉन्च किए. इसके बाद वह अन्ना यूनिवर्सिटी चले गए जोकि चेन्नई में है. वहां पर उन्होंने देश का पहला सामुदायिक रेडियो लॉन्च किया. सभी अच्छे से काम कर रहे हैं. 550 के ऊपर कम्युनिटी रेडियो स्टेशन का सरकार ने लाइसेंस दे दिया है. ये सभी इंडिया के कोने-कोने में काम कर रहे हैं.
रेडियो विजुअल इफेक्ट में आना चाहिए
डॉ. श्रीधर राममूर्ति ने बताया कि पूरे परिवार में उनके अंकल को भी नेशनल अवार्ड मिल चुका है जोकि दिव्यांग थे. उन्होंने बताया कि फिलहाल अब 78 साल की उम्र में उनको पद्मश्री मिल रहा है, जिस वजह से वह बहुत ही सरकार के आभारी हैं. उन्होंने कहा कि अब वह देश के वरिष्ठ नागरिकों पर प्रोजेक्ट कर रहे हैं जैसे अनुभव प्रोजेक्ट, सैनिक वाणी, विज्ञान की आवाज और जल्द ही ट्रांसजेंडर के लिए भी वह एक प्रोजेक्ट करेंगे जिसका नाम होगा आशीर्वाद रेडियो. उन्होंने कहा कि रेडियो कभी मरेगा नहीं बल्कि रेडियो विजुअल इफेक्ट के साथ आना चाहिए. रेडियो कभी खत्म नहीं होगा बल्कि नया आकार लेकर आएगा. उन्होंने कहा कि उनकी जितनी भी जिंदगी बची है वह रेडियो के लिए समर्पित करते हैं.
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