जीटी रोड का नाम आपने जरूर सुना होगा, जो तमाम शहरों से होकर गुजरता है. इसी वजह से ज्यादातर लोगों से इसका सीधा संबंध है. इसी नाम से एक ट्रेन जीटी एक्सप्रेस चलती है. जो अंग्रेजों द्वारा 1929 में चलाई गयी है. देश की सबसे पुरानी ट्रेनों में से एक ट्रेन है. यह ट्रेन आज भी उसी नाम से चल रही है.
क्या था पहले रूट
जब यह ट्रेन शुरू हुई थी, तक राजधानी मंगलौर से (कर्नाटक) से पाकिस्तान के पेशावर तक जाती थी. इस दौरान कुल 2182 किमी. की दूरी तय करती थी. इस दूरी को तय करने में 35 से 36 घंटे का समय लग गया. बंटवारे के बाद इसका रूट बदल गया.
आज किस रूट पर चलती है
यह ट्रेन आज भी उसी नाम से चल रही है. दिल्ली से चेन्नई के बीच चलती है. दिल्ली से चलकर आगरा कैंट, ग्वालियर, झांसी, भोपाल, इटारसी, नागपुर, बाल्हारशाह, रामगुंडम, वारंगल, विजयवाड़ा, गुंटूर, नेल्लोर, गुडूर होते हुए चेन्नई सेंट्रल पहुंचती है. ट्रेन नंबर 12615 चेन्नई से नई दिल्ली की और 12616 नई दिल्ली से चेन्नई को चलती है.
कितने राज्यों से होते हुए जाती है ये
यह कुल मिलाकर सात राज्यों को कनेटक्ट करती है. ट्रेन दिल्ली से निकलकर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु पहुंचती है.
वंदेभारत से कितनी है अलग
जीटी एक्सप्रेस वंदेभारत से पूरी तरह अलग है. वंदेभारत आईसीएफ और जबकि जीटी एक्सप्रेस एलएचबी है. वंदेभारत स्लीपर में केवल फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड ऐसी कोच होते हैं, जबकि जीटी एक्सप्रेस में फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड एसी के अलावा स्लीपर और जनरल कोच होते हैं. वंदेभारत की औसत स्पीड 100 किमी.के आसपास है जबकि जीटी एक्सप्रेस की औसत स्पीड 60-62 किमी/घंटा है.
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.