AI Domain Deal : आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के बढ़ते बाजार ने इससे जुड़े डिजिटल एसेट की कीमतों को भी कितना बढ़ा दिया है, इसका अंदाजा हाल में हुई एक डील से लगाया जा सकता है. इस डील में करीब 32 साल पहले महज 300 रुपये खर्च करके बनाया गया डोमेन आज 634 करोड़ रुपये में बिका है. इस डोमेन को एक उद्यमी ने सिर्फ तुक्के में बनाया था, क्योंकि तब तो एआई को लेकर न तो कोई जानकारी थी और न ही इस पर कोई बात हो रही थी.
एआई से जुड़ा एक डोमेन 634 करोड़ रुपये बिका है.
यह सारा मामला जुड़ा है इंटरनेट डोमेन से. यह डोमेन उस समय बनाया गया था, जब इंटरनेट का विस्तार बहुत सीमित था. तब साल 1993 में उद्यमी आरसियान इस्माइल ने एक डिजिटल एसेट में 300 रुपये का निवेश किया था. कहने का मतलब है कि उन्होंने 300 रुपये खर्च करके एक डोमेन बनवाया था. आज जबकि एआई बूम आ चुका है तो उनका यह निवेश कई सौ करोड़ रुपये के रिटर्न में बदल चुका है. यह दिखाता है कि बौद्धिक संपत्तियों में किए गए निवेश समय के साथ किस कदर रिटर्न दे सकते हैं.
क्या था वो जादुई डोमेन
इस्माइल ने साल 1993 में AI.com नाम से एक डोमेन बनाया था. तब उन्होंने 300 रुपये खर्च किए थे. तब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर रिसर्च और बातचीत बहुत शुरुआती स्टेज में थी. हालांकि, इस्माइल ने इसे भविष्य को देखते हुए बनवाया था, यह कहना सही नहीं है. हां, उन्होंने तुक्का जरूर मारा था लेकिन आज यही तुक्का एक बड़े जैकपॉट में बदल चुका है. तब उन्हें पता भी नहीं था कि आगे चलकर एआई का ऐसा बूम आएगा कि इससे पूरी दुनिया की दशा और दिशा ही बदल जाएगी. AI.com नाम से बना डोमेन आज एक बड़ी कंपनी में बदल चुका है.
क्यों इतनी बढ़ गई कीमत
तकनीक की दुनिया में जेनरेटिव एआई, मशीन लर्निंग प्लेटफॉर्म और कंज्यूमर के लिए एआई टूल की बढ़ती डिमांड ने एआई से जुड़ी डिजिटल ब्रांडिंग की डिमांड और बढ़ा दी है. ऐसे में एआई की दुनिया से जुड़ने के लिए छोटे और याद रखने वाले डोमेन बहुत सीमित बचे हैं और ऐसे डोमेन पर कंपनियां खुलकर पैसे लुटाने को भी तैयार हैं. इसी डिमांड का फायदा इस्माइल को भी मिला है और उनके बनाए डोमेन ने एक झटके में करोड़ों रुपये का सौदा करा दिया. AI.com आज के दौर में सबसे पसंदीदा डोमेन बन गया है, क्योंकि यह छोटा भी है और एआई को सीधे तौर पर कनेक्ट भी करता है.
किसने खरीदा करोड़ों का डोमेन
इस डोमेन के लिए सौदेबाजी साल 2025 में ही शुरू हो गई थी और आखिरकार पूरा सौदा 634 करोड़ रुपये में पक्का हुआ. इस डोमेन को खरीदने वाले उद्योगपति का नाम है Kris Marszalek. उनका दावा है कि वे इस डोमेन को उपभोक्ताओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का प्लेटफॉर्म बना देंगे, बजाय कि इसे अपने पास रखने के. यह एक तरह का पैसिव निवेश है, जो आने वाले समय में एक बड़ी कंपनी में बदल सकता है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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