18 महीने के इंतजार के बाद अगरतला-कोलकाता ‘मैत्री’ बस सेवा फिर शुरू हो गई है. यह सेवा ढाका के रास्ते त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल को जोड़ती है. नई सरकार बनने के बाद बांग्लादेश में हालात सुधरने से रास्ता साफ हुआ है. इससे यात्रियों को कम दूरी में तेज और सस्ती यात्रा का लाभ मिलेगा.
नई सरकार के बाद खुला रास्ता, भारत-बांग्लादेश रिश्तों को मिली रफ्तार. (Image: IANS)
दोस्ती और व्यापार को नई ताकत
मंत्री सुषांत चौधरी ने कहा कि इस सेवा की बहाली भारत और बांग्लादेश के बीच विश्वास और सहयोग का प्रतीक है. उन्होंने उम्मीद जताई कि बांग्लादेश में नई सरकार बनने के बाद दोनों देशों के सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे. अधिकारियों के मुताबिक कानून-व्यवस्था में सुधार के संकेत मिलने के बाद ही यह फैसला लिया गया. यह बस सेवा न केवल यात्रियों के लिए सहूलियत लाएगी, बल्कि सीमापार व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा देगी.
सप्ताह में तीन दिन चलेगी बस, ढाका मुख्य कड़ी
टीआरटीसी के कार्यवाहक अध्यक्ष समर रॉय ने जानकारी दी कि 35 सीटों वाली बस सप्ताह में तीन दिन अगरतला से और तीन दिन कोलकाता से चलेगी. दोनों सेवाएं ढाका के रास्ते त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल को जोड़ेंगी. साथ ही अगरतला-ढाका बस सेवा भी जल्द शुरू होने की संभावना है. उल्लेखनीय है कि कोविड-19 महामारी के दौरान ये सेवाएं निलंबित कर दी गई थीं. जून 2022 में इन्हें दोबारा शुरू किया गया, लेकिन बांग्लादेश में एक दुर्घटना और बाद में हुई हिंसा के कारण फिर रोकना पड़ा.
620 किमी में सिमटी दूरी, समय और खर्च दोनों बचेंगे
अगरतला-ढाका-कोलकाता मार्ग पूर्वोत्तर भारत के लिए बेहद अहम संपर्क कड़ी है. गुवाहाटी के रास्ते अगरतला से कोलकाता की दूरी लगभग 1,650 किलोमीटर पड़ती है, जबकि बांग्लादेश के रास्ते यह घटकर करीब 620 किलोमीटर रह जाती है. इससे यात्रियों का समय और खर्च दोनों कम होंगे. अगरतला-अखौरा आईसीपी, पेट्रापोल-बेनापोल के बाद भारत-बांग्लादेश के बीच दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र है. ऐसे में ‘मैत्री’ बस सेवा की वापसी क्षेत्रीय संपर्क और आपसी संबंधों को नई मजबूती देने वाली पहल मानी जा रही है.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
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