सरकार इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन में 2 प्रतिशत हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल के जरिए बेचेगी और 2 प्रतिशत अतिरिक्त बिक्री का ग्रीन शू विकल्प भी रखा गया है. फ्लोर प्राइस 104 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है, जो मौजूदा बाजार भाव से कम है. ऑफर 25 फरवरी को नॉन रिटेल और 26 फरवरी को रिटेल निवेशकों के लिए खुलेगा. IRFC रेलवे की फाइनेंसिंग कंपनी है, जो बाजार से फंड जुटाकर रेलवे को देती है और लीज रेंटल से कमाई करती है. कंपनी जीरो एनपीए और कम रिस्क प्रोफाइल के लिए जानी जाती है. सरकार की हिस्सेदारी बिक्री से शेयर में शॉर्ट टर्म हलचल हो सकती है, जबकि लॉन्ग टर्म प्रदर्शन सरकारी कैपेक्स और नीतियों पर निर्भर रहेगा.
ऑफर फॉर सेल की शुरुआत 25 फरवरी को नॉन रिटेल निवेशकों से होगी और अगले दिन रिटेल निवेशकों को मौका दिया जाएगा. अगर ग्रीन शू विकल्प का पूरा इस्तेमाल होता है, तो सरकार की हिस्सेदारी बिक्री 4 प्रतिशत तक पहुंच सकती है. इससे सरकार को अतिरिक्त राजस्व जुटाने में मदद मिलेगी और पब्लिक सेक्टर कंपनियों में हिस्सेदारी घटाने की रणनीति को आगे बढ़ाया जाएगा.
शेयर प्राइस से कम फ्लोर प्राइस का मतलब
घोषणा से पहले 24 फरवरी को IRFC के शेयर एनएसई पर 109.40 रुपये पर बंद हुए थे, जो दिनभर में 2.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ थे. 104 रुपये का फ्लोर प्राइस मौजूदा बाजार भाव से कम है, जिससे निवेशकों को छूट पर शेयर खरीदने का मौका मिलेगा. आमतौर पर सरकार ऑफर फॉर सेल में डिस्काउंट देकर निवेशकों की रुचि बढ़ाने की कोशिश करती है, ताकि पूरी हिस्सेदारी आसानी से बिक सके.
IRFC क्या कंपनी है और इसका काम क्या है
IRFC भारतीय रेलवे की डेडिकेटेड फाइनेंसिंग आर्म है और इसे रेलवे का बैंक भी कहा जाता है. रेलवे को इंजन, कोच, वैगन और ट्रैक जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए हजारों करोड़ रुपये की जरूरत होती है. IRFC बाजार से लोन और बॉन्ड के जरिए पैसा जुटाकर रेलवे को देता है. इसके बदले कंपनी रेलवे को एसेट्स लीज पर देती है और लीज रेंटल से कमाई करती है.
जीरो एनपीए और स्थिर कमाई वाला बिजनेस मॉडल
IRFC की खास बात यह है कि इसका मुख्य क्लाइंट भारत सरकार है, इसलिए इसे जीरो एनपीए वाली कंपनी माना जाता है. रेलवे से मिलने वाली गारंटीड लीज रेंटल के कारण इसका रिस्क प्रोफाइल काफी कम रहता है और प्रॉफिट मार्जिन स्थिर रहता है. यही वजह है कि कई निवेशक इसे डिफेंसिव पब्लिक सेक्टर स्टॉक के रूप में देखते हैं.
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है यह ऑफर
सरकार की हिस्सेदारी बिक्री से शेयर में शॉर्ट टर्म उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है. फ्लोर प्राइस डिस्काउंट पर होने से रिटेल और इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है. हालांकि लंबी अवधि में कंपनी का प्रदर्शन रेलवे के कैपेक्स, बॉन्ड यील्ड और सरकारी नीतियों पर निर्भर रहेगा.
(Disclaimer: यहां बताए गया स्टॉक्स सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले एक्सपर्ट से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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