अल्फाबेट ने 4 ट्रिलियन डॉलर मार्केट वैल्यू हासिल कर टेक दुनिया में नया इतिहास बनाया है. एआई फोकस और क्लाउड ग्रोथ से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है. जेमिनी मॉडल की सफलता, गूगल क्लाउड की तेज ग्रोथ और एंटीट्रस्ट राहत ने स्टॉक को नई ऊंचाई पर पहुंचाया है. अल्फाबेट अब दुनिया की सबसे वैल्युएबल कंपनियों में टॉप क्लब का हिस्सा है.
पिछले एक साल में अल्फाबेट के शेयर में जबरदस्त उछाल देखने को मिला. 2025 में स्टॉक करीब 65 प्रतिशत चढ़ा और 2026 की शुरुआत में भी तेजी बनी हुई है. मैग्निफिसेंट सेवन ग्रुप में अल्फाबेट सबसे बेहतर परफॉर्म करने वाली कंपनी बन चुकी है. निवेशकों को अब भरोसा है कि एआई रेस में कंपनी फिर से मजबूत बढ़त बना रही है.
एआई पर नया फोकस बना ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह
कुछ समय पहले तक यह चिंता थी कि अल्फाबेट शुरुआती एआई एडवांटेज खो रही है. अब यह धारणा पूरी तरह बदल चुकी है. जेमिनी 3 (Gemini 3) मॉडल को मार्केट से मजबूत रिव्यू मिले हैं और इसे ओपनएआई (OpenAI) के जीपीटी 5 (GPT 5) से बेहतर रिस्पॉन्स देने वाला माना जा रहा है. सैमसंग (Samsung) ने मोबाइल डिवाइसेज में एआई फीचर्स के लिए जेमिनी को चुना है. इसका मतलब है कि आने वाले समय में अरबों यूजर्स तक जेमिनी डायरेक्ट पहुंचेगा. इसके साथ ही गूगल (Google) अपनी एआई चिप्स टीपीयू (TPU) को बाहरी कंपनियों को रेंट पर देना शुरू कर रहा है. मेटा (Meta) जैसी कंपनियां इस पर बड़ी डील्स की बातचीत कर रही हैं. यह अल्फाबेट के लिए नया रेवेन्यू इंजन बन सकता है.
गूगल क्लाउड बना निवेशकों का नया भरोसा
एआई के साथ साथ गूगल क्लाउड (Google Cloud) भी अल्फाबेट की ग्रोथ स्टोरी का मजबूत पिलर बन चुका है. हाल की तिमाही में क्लाउड रेवेन्यू करीब 34 प्रतिशत बढ़ा है. बैकलॉग 155 बिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच चुका है जो आगे की कमाई का साफ संकेत देता है. क्लाउड बिजनेस में मजबूत डिमांड ने यह दिखा दिया है कि अल्फाबेट सिर्फ एडवरटाइजिंग कंपनी नहीं रही. एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में इसका रोल तेजी से बढ़ रहा है. यही वजह है कि निवेशकों का सेंटिमेंट पहले से कहीं ज्यादा पॉजिटिव है.
एंटीट्रस्ट राहत और बड़े निवेशकों की एंट्री
अमेरिका में लंबे समय से चल रहे एंटीट्रस्ट केस में अल्फाबेट को बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने कंपनी को ब्रेकअप करने की मांग को खारिज कर दिया है. इसका मतलब है कि क्रोम (Chrome) और एंड्रॉयड (Android) पर कंट्रोल बरकरार रहेगा. इस फैसले ने कंपनी के फ्यूचर पर से एक बड़ा अनसर्टेन्टी फैक्टर हटा दिया है. दूसरी तरफ वॉरेन बफेट (Warren Buffett) की बर्कशायर हैथवे (Berkshire Hathaway) ने भी अल्फाबेट में निवेश किया है. यह टेक सेक्टर में उनका रेयर दांव माना जा रहा है. इससे मार्केट को यह संकेत मिला है कि अल्फाबेट की वैल्यूएशन सिर्फ एआई हाइप नहीं बल्कि सॉलिड फंडामेंटल पर टिकी है.
4 ट्रिलियन क्लब में एंट्री से टेक रेस नई ऊंचाई पर
4 ट्रिलियन डॉलर क्लब में अब अल्फाबेट का नाम भी शामिल हो चुका है. इस लिस्ट में एनवीडिया (Nvidia), माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) और ऐपल (Apple) पहले से मौजूद हैं. एप्पल को पीछे छोड़ना यह दिखाता है कि मार्केट फिलहाल एआई और क्लाउड ग्रोथ को सबसे बड़ी वैल्यू दे रहा है. एडवरटाइजिंग बिजनेस अभी भी स्टेबल है और इकोनॉमिक अनसर्टेन्टी के बावजूद मजबूत कमाई दे रहा है. इसके साथ एआई और क्लाउड की ग्रोथ ने अल्फाबेट को आने वाले सालों के लिए हाई ग्रोथ ट्रैक पर डाल दिया है. यही वजह है कि 2026 में भी कंपनी से नई वैल्यूएशन रिकॉर्ड की उम्मीद की जा रही है.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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