अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई मारे जा चुके हैं. खामनेई का पूरे ईरान पर नियंत्रण था. अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का कहना है कि खामेनेई ने अपार दौलत जोड़ी. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने कभी दौलत का दिखावा नहीं किया और वे तेहरान में एक साधारण घर में रहते थे. उनके समर्थकों का दावा है कि उनके पास निजी संपत्ति के नाम पर कुछ भी नहीं है.
ईरान सरकार का कहना है कि खामनेई के पास कोई व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है.
2013 में रॉयटर्स की एक जांच ने खुलासा किया था कि अयातुल्लाह अली खामेनेई 95 बिलियन डॉलर (लगभग 8.55 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति को नियंत्रित करते हैं. खामनेई की दौलत का सबसे बड़ा स्रोत कोई निजी बैंक खाता नहीं, बल्कि ‘सेताद’ (Setad Ejraiye Emam) नामक एक विशाल संगठन रहा है. यह साम्राज्य मुख्य रूप से उन संपत्तियों से बना है जिन्हें 1979 की क्रांति के बाद जब्त किया गया था. इसमें रियल एस्टेट, कॉर्पोरेट शेयर, तेल उद्योग और वित्तीय निवेश शामिल हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि यह संगठन ईरान की संसद या किसी भी सार्वजनिक निगरानी एजेंसी के प्रति जवाबदेह नहीं है. यह सीधे तौर पर केवल सुप्रीम लीडर के प्रति वफादार है.
हर क्षेत्र में पैठ
हालिया रिपोर्टों (2025-2026) के अनुसार, खामनेई के नियंत्रण वाली संपत्ति की कीमत अब 95 बिलियन से बढ़कर 200 बिलियन डॉलर के बीच बताई जा रही है. यह संपत्ति केवल नकदी नहीं है, बल्कि ईरान के हर प्रमुख सेक्टर—कृषि, दूरसंचार, बैंकिंग और तेल आदि में इस साम्राज्य की हिस्सेदारी है.
साधारण घर में रहते थे खामनेई
दिलचस्प बात यह है कि अयातुल्लाह अली खामनेई कभी दौलत का दिखावा नहीं किया. वे तेहरान के एक साधारण घर में रहते थे और उनके समर्थकों का दावा है कि उनके पास निजी संपत्ति के नाम पर कुछ भी नहीं है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का कहना है कि यह उनकी ‘रणनीतिक सादगी’ थी. भले ही वे व्यक्तिगत रूप से विलासिता का जीवन न बिताते थे, लेकिन वे उस ‘सिस्टम’ के मालिक थे जो पूरे देश की अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करता है. ईरान की सरकार इन तमाम दावों को ‘पश्चिमी दुष्प्रचार’ बताकर खारिज करती रही है.
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.