Collateral Free Loan: आरबीआई ने छोटे कारोबारियों और एमएसएमई को बड़ी राहत देते हुए कोलेटरल-फ्री लोन की सीमा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख कर दी. अब माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज को बिना किसी गारंटी या संपत्ति गिरवी रखे ₹20 लाख तक का लोन मिल सकेगा. ये नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे और इस तारीख के बाद मंजूर या रिन्यू होने वाले सभी ऐसे लोन पर लागू होंगे. इससे छोटे उद्यमियों को फॉर्मल क्रेडिट तक आसान पहुंचेगा और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा, खासकर जिनके पास कोलेटरल देने के लिए पर्याप्त संपत्ति नहीं होती. इसके लिए अप्लाई प्रोसेस बहुत आसान है.
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने फरवरी में आरबीआई एमपीसी मीट के फैसलों का ऐलान करते हुए इसके बारे में जानकारी दी और कहा कि इसका मकसद छोटे उद्यमियों को आसानी से फॉर्मल क्रेडिट मिले, उद्यमिता को बढ़ावा मिले और आखिरी छोर तक क्रेडिट पहुंचे खासकर उन एमएसई को जिनके पास कोलेटरल देने के लिए ज्यादा संपत्ति नहीं है.
दोगुनी हो गई लोन लीमिट
पहले लिमिट 10 लाख थी लेकिन अब दोगुनी हो गई है ताकि छोटे बिजनेस वाले बिना टेंशन के पैसा ले सकें. साथ ही अगर किसी एमएसई का अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड है और फाइनेंशियल स्थिति मजबूत है तो बैंक अपनी आंतरिक पॉलिसी के तहत कोलेटरल फ्री लोन की लिमिट को 25 लाख रुपये तक बढ़ा सकते हैं.
ये अतिरिक्त सुविधा है और क्रेडिट गारंटी स्कीम का फायदा भी मिल सकता है जहां लागू हो. पीएमईजीपी यानी प्राइम मिनिस्टर एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन प्रोग्राम के तहत फाइनेंस होने वाली सभी यूनिट्स को भी 20 लाख तक कोलेटरल फ्री लोन मिलेगा. ये बदलाव ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देगा क्योंकि छोटे कारोबारी अक्सर गारंटी न होने से लोन नहीं ले पाते और अनौपचारिक स्रोतों से महंगा पैसा लेते हैं जो ब्याज ज्यादा होता है. अब ये आसान हो जाएगा.
कोलेटरल फ्री एमएसएमई लोन क्या है?
ये वो लोन है जिसमें बैंक कोई संपत्ति जैसे घर जमीन गाड़ी या गोल्ड सिल्वर गिरवी नहीं मांगता. पहले 10 लाख तक था अब 20 लाख तक अनिवार्य है. ये एमएसई सेक्टर के लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि एमएसई भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. ये लाखों लोगों को रोजगार देते हैं मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज एक्सपोर्ट सबमें योगदान देते हैं. बिना गारंटी के लोन मिलने से बिजनेस बढ़ाना आसान हो जाता है जैसे मशीनरी खरीदना वर्किंग कैपिटल के लिए इस्तेमाल करना स्टॉक बढ़ाना या नया ब्रांच खोलना. छोटे उद्यमी जो पहले लोन नहीं ले पाते थे अब बिना जोखिम के पैसा ले सकते हैं. इससे कैश फ्लो बेहतर होगा बिजनेस स्केल अप होगा और ग्रोथ तेज होगी. साथ ही क्रेडिट गारंटी स्कीम से बैंक को भी सुरक्षा मिलती है तो वे ज्यादा लोन देने को तैयार रहते हैं.
अब कैसे अप्लाई करें?
- सबसे पहले आपको एमएसएमई रजिस्ट्रेशन होना चाहिए जो उद्यम रजिस्ट्रेशन के तहत ऑनलाइन udyamregistration.gov.in पर फ्री में हो जाता है.
- उसके बाद कोई भी बैंक जैसे एसबीआई पीएनबी बैंक ऑफ बड़ौदा या प्राइवेट बैंक में जाकर एमएसएमई लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं. ज्यादातर बैंक अब एमएसएमई लोन सेक्शन में ये सुविधा देते हैं.
- आप ऑनलाइन बैंक की वेबसाइट या ऐप से भी अप्लाई कर सकते हैं. जैसे एसबीआई का एमएसएमई पोर्टल या अन्य बैंक के लोन सेक्शन में.
- जरूरी डॉक्यूमेंट्स जैसे बिजनेस सर्टिफिकेट आधार कार्ड पैन कार्ड बिजनेस प्रूफ जैसे जीएसटी रजिस्ट्रेशन अगर लागू हो पिछले सालों का आईटीआर बिजनेस प्लान बैंक स्टेटमेंट और केवाईसी डॉक्यूमेंट्स लगेंगे.
- बैंक आपकी क्रेडिट हिस्ट्री चेक करेगा और अगर सब ठीक रहा तो 20 लाख तक बिना कोलेटरल के लोन अप्रूव हो सकता है. अगर अच्छा रिकॉर्ड है तो 25 लाख तक भी मिल सकता है.
ये प्रोसेस तेज है क्योंकि आरबीआई ने निर्देश दिए हैं कि बैंकों को कोलेटरल न मांगना है. कई बैंक क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज यानी सीजीटीएमएसई के तहत कवर करते हैं जो लोन को सुरक्षित बनाता है.
अप्लाई करने से पहले बैंक से बात कर लें या उनकी ब्रांच में जाकर डिटेल्स पूछ लें. ये फैसला छोटे बिजनेस के लिए गेम चेंजर है क्योंकि अब बिना घर जमीन गिरवी रखे बड़ा लोन मिलेगा और बिजनेस को नई ऊंचाई देगा. लेकिन लोन लेने से पहले अपनी क्षमता देखें ईएमआई समय पर भरें ताकि क्रेडिट स्कोर अच्छा रहे. कुल मिलाकर ये कदम एमएसएमई को मजबूत बनाएगा और देश की इकोनॉमी को सपोर्ट करेगा.
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