Export Policy : निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पिछले साल दो योजनाओं का ऐलान किया था. अब इसमें से एक योजना के तहत 25 हजार करोड़ के प्रोत्साहन के लिए वाणिज्य मंत्रालय जल्द ही नोटिफिकेशन जारी करेगा. इससे निर्यातकों को भविष्य में फायदा मिलने का अनुमान है और विनिर्माण भी बढ़ेगा.
निर्यात प्रोत्साहन की योजना जल्द लागू होगी.
सरकार ने दिसंबर 2025 में 4,531 करोड़ रुपये की अंतर्गत बाजार पहुंच सहायता (एमएएस) योजना शुरू की थी. जनवरी में 7,295 करोड़ रुपये का निर्यात सहायता पैकेज घोषित किया जिसमें 5,181 करोड़ रुपये की ब्याज सहायता योजना और 2,114 करोड़ रुपये का जमानत समर्थन शामिल है, ताकि निर्यातकों की ऋण तक पहुंच बेहतर हो सके. ये सभी उपाय 6 वर्षों (2025-31) की अवधि में लागू किए जाएंगे. अधिकारी ने कहा कि अब हम ईपीएम के आठ घटकों को शुरू करने पर काम कर रहे हैं. इसे अंतिम रूप दे दिया गया है. हम अगले सप्ताह इसकी घोषणा करेंगे.
ई-कॉमर्स से जुड़े होंगे घटक
उन्होंने कहा कि ये घटक ई-कॉमर्स, ‘वेयरहाउसिंग’ और ‘फैक्टरिंग’ सेवाओं जैसे मुद्दों से जुड़े होंगे. वैश्विक सीमा-पार ‘फैक्टरिंग’ का अनुमानित आकार 758 अरब डॉलर है, जबकि भारत में यह केवल एक अरब डॉलर है. निर्यात प्रोत्साहन ब्याज अनुदान, निर्यात लेनदारी लेखा क्रय (फैक्टरिंग), संपार्श्विक गारंटी, ई-कॉमर्स निर्यातकों के लिए क्रेडिट कार्ड और नए बाजारों में विविधीकरण के लिए ऋण वृद्धि सहायता जैसे कई साधनों के माध्यम से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए किफायती व्यापार वित्त तक पहुंच में सुधार पर केंद्रित है.
गैर वित्तीय सहायता भी मिलेगी
यह योजना गैर-वित्तीय सक्षमताओं पर केंद्रित है जो बाजार की तैयारी और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाती हैं. इसमें निर्यात गुणवत्ता एवं अनुपालन सहायता, अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडिंग, पैकेजिंग के लिए सहायता एवं व्यापार मेलों में भागीदारी, निर्यात भंडारण व लॉजिस्टिक, अंतर्देशीय परिवहन प्रतिपूर्ति और व्यापार खुफिया तथा क्षमता निर्माण पहलें शामिल हैं. ईपीएम प्रमुख निर्यात सहायता योजनाओं जैसे कि ब्याज समकरण योजना (आईईएस) तथा बाजार पहुंच पहल (एमएआई) को समेकित करता है और उन्हें समकालीन व्यापार आवश्यकताओं के साथ संयोजित करता है.
निर्यातकों को कैसे मिलेगा फायदा
ये दोनों योजनाएं भारतीय निर्यातकों के लिए दूरगामी असर डालने वाली साबित होंगी. बाजार एक्सपर्ट का अनुमान है कि अमेरिकी टैरिफ के बाद निर्यातकों को जो भी नुकसान हुआ था, उससे उबारने में यह योजना मददगार साबित होगी. योजना के तहत निर्यातकों को आसानी से कर्ज मिल जाएगा और कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा. निर्यात बढ़ने की वजह से विनिर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा और रोजगार भी बढ़ेगा.
About the Author
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.