ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2026 में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी गोल्ड ETF में करीब 5,255 करोड़ रुपये का निवेश आया. यह जनवरी के 24,039.96 करोड़ रुपये के भारी निवेश की तुलना में काफी कम है. यह लगभग एक चौथाई रह गया है. चूंकि यह बहुत कम है, इसलिए हमने जानबूझकर इसे ‘कुछ भी नहीं’ लिखा है.
जनवरी में रिकॉर्ड निवेश से बनी थी मजबूत मांग
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में गोल्ड ETF में रिकॉर्ड निवेश देखने को मिला था. उस समय वैश्विक अनिश्चितताओं और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के चलते निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित बनाने के लिए सोने में बड़े पैमाने पर पैसा लगाया था.
जनवरी में इतनी बड़ी मात्रा में पैसा गोल्ड ETF में आया कि यह आंकड़ा इक्विटी म्यूचुअल फंड में आने वाले निवेश के करीब पहुंच गया था. इससे साफ संकेत मिला था कि निवेशक जोखिम भरे एसेट्स के साथ-साथ सुरक्षित विकल्पों को भी मजबूत करना चाहते हैं.
फरवरी में निवेश घटने का मतलब यह नहीं है कि निवेशकों का सोने से भरोसा उठ गया है. बल्कि जनवरी में भारी खरीद के बाद कई निवेशकों ने फिलहाल नई खरीद को थोड़ी देर के लिए टाल दिया.
पैसिव फंड्स में भी घटी कुल निवेश राशि
अगर सभी पैसिव फंड कैटेगरी को मिलाकर देखा जाए तो फरवरी में कुल निवेश करीब ₹13,879 करोड़ रहा. इनमें इंडेक्स फंड, गोल्ड ETF, अन्य ETF और विदेशों में निवेश करने वाले फंड ऑफ फंड्स शामिल हैं. यह जनवरी के रिकॉर्ड 39,954 करोड़ की तुलना में काफी कम है. हालांकि यह दिसंबर में आए करीब 11,000 करोड़ रुपये के निवेश से थोड़ा अधिक रहा.
फरवरी में इंडेक्स फंड्स में निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बनी रही. इस श्रेणी में लगभग 3,233 करोड़ रुपये का निवेश आया. वहीं अन्य ETF में भी करीब 4,487 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया.
इसके अलावा विदेशों में निवेश करने वाले फंड ऑफ फंड्स में भी निवेशकों ने रुचि दिखाई, जहां लगभग 904 करोड़ रुपये का निवेश आया. कुल मिलाकर, फरवरी में गोल्ड ETF में आई गिरावट को बाजार विशेषज्ञ सामान्य निवेश चक्र का हिस्सा मान रहे हैं. उनका मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बनी रहने तक सोने की मांग निवेश पोर्टफोलियो में मजबूत बनी रह सकती है.
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