राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है. सोना 400 रुपये बढ़कर 1,63,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया. वहीं चांदी की कीमत 2,72,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही. कमजोर रुपये और स्थानीय खरीदारी ने सोने को मजबूती दी है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार नरम, लेकिन घरेलू मांग ने थाम ली सोने- चांदी कीमतों की रफ्तार. (Image:AI)
कमजोर रुपये का मिला सहारा
व्यापारियों का कहना है कि रुपये में आई कमजोरी ने सोने को और महंगा बना दिया. जब रुपये की कीमत डॉलर के मुकाबले गिरती है, तो आयातित सोना महंगा पड़ता है, जिससे घरेलू कीमतें ऊपर जाती हैं. यही वजह रही कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी के बावजूद भारत में सोने की कीमतों में तेजी देखी गई. स्थानीय मांग और निवेशकों की दिलचस्पी ने भी बाजार को सहारा दिया.
ग्लोबल बाजार में गिरावट, फिर भी असर सीमित
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 1.35 प्रतिशत गिरकर 5,157.16 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था. वहीं चांदी 88.19 डॉलर प्रति औंस पर लगभग स्थिर रही. वैश्विक स्तर पर कीमतों में नरमी के बावजूद घरेलू बाजार पर इसका पूरा असर नहीं दिखा. विश्लेषकों का मानना है कि भारत जैसे बड़े उपभोक्ता देश में मांग और मुद्रा विनिमय दर की चाल अक्सर अंतरराष्ट्रीय गिरावट के प्रभाव को कम कर देती है.
आगे क्या रहेगा रुख?
बाजार जानकारों के मुताबिक आने वाले दिनों में सोने की कीमतों पर दो प्रमुख कारक असर डालेंगे- डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और वैश्विक आर्थिक संकेत. यदि रुपया कमजोर रहता है और त्योहार या शादी सीजन में मांग बढ़ती है, तो सोने की कीमतों में और तेजी आ सकती है. फिलहाल निवेशक और ज्वेलर्स दोनों बाजार की चाल पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि चांदी स्थिर रहकर निवेशकों को संतुलित विकल्प दे रही है.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
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