टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के कार्यकाल विस्तार पर फैसला फिलहाल टाल दिया गया है. चंद्रशेखरन ने खुद बोर्ड मीटिंग में यह सुझाव दिया कि उनके एक्सटेंशन पर चर्चा बाद में की जाए. उन्होंने कहा कि इससे टाटा ग्रुप की दिशा और कामकाज में कोई बदलाव नहीं होगा.
इससे पहले रिपोर्ट आई थी कि टाटा ग्रुप के बोर्ड में मतभेदों के बाद चंद्रशेखरन को अगले पांच साल के लिए दोबारा चेयरमैन बनाने के फैसले को टाल दिया गया है. बताया गया कि टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा (Noel Tata) ने ग्रुप की कुछ कंपनियों में हो रहे नुकसान को लेकर चिंता जताई थी और टाटा संस को सार्वजनिक रूप से लिस्ट करने को लेकर भी लिखित आश्वासन मांगा था.
बोर्ड मीटिंग में कई डायरेक्टर्स ने किया समर्थन
बोर्ड मीटिंग में कई डायरेक्टर्स ने चंद्रशेखरन का समर्थन किया और कहा कि कुछ बिजनेस में नुकसान को पूरे ग्रुप के प्रदर्शन से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. डायरेक्टर्स का मानना था कि चेयरमैन के नेतृत्व में टाटा ग्रुप का रिकॉर्ड मजबूत रहा है. वहीं कुछ सदस्यों ने औपचारिक वोटिंग की मांग भी की थी, लेकिन अंत में चंद्रशेखरन ने खुद फैसला टालने की सलाह दी. 62 साल के एन चंद्रशेखरन ने 1987 में टाटा ग्रुप में अपने करियर की शुरुआत की थी और 2009 में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के सीईओ बने. फरवरी 2017 में उन्होंने टाटा संस के चेयरमैन का पद संभाला था.
टाटा संस की वित्तीय स्थिति
टाटा संस ने वित्त वर्ष 2024 25 में 5.92 लाख करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी है. हालांकि इसी अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट 17 प्रतिशत गिरकर 28,898 करोड़ रुपये रह गया. कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष की शुरुआत वैश्विक ग्रोथ और महंगाई में नरमी की उम्मीदों के साथ सकारात्मक रही, लेकिन बाद में ट्रेड पॉलिसी को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने माहौल बदल दिया.
About the Author

जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.