गूगल ने अमेरिका और भारत को जोड़ने वाला नया हाई स्पीड सबसी केबल प्रोजेक्ट लॉन्च किया है. अमेरिका भारत कनेक्ट स्ट्रैटेजिक सबसी केबल इनिशिएटिव के तहत अमेरिका, भारत और साउदर्न हेमिस्फियर के बीच नए फाइबर ऑप्टिक रूट बनाए जाएंगे. इससे इंटरनेट स्पीड, डेटा ट्रांसफर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की क्षमता में बड़ा सुधार होगा. यह भारत की एआई और डिजिटल इकॉनमी के लिए मजबूत डिजिटल बैकबोन तैयार करेगा.
रिसर्च को बढ़ावा
गूगल डीपमाइंड ने भारत में एआई रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन के साथ नई पार्टनरशिप का ऐलान किया है. इसके तहत भारतीय रिसर्चर्स को अल्फाजीनोम, एआई को साइंटिस्ट और अर्थ एआई जैसे फ्रंटियर एआई मॉडल्स तक एक्सेस मिलेगा. इसके साथ हैकाथॉन, मेंटरशिप और रिसर्च सपोर्ट प्रोग्राम भी लॉन्च किए जाएंगे ताकि भारतीय वैज्ञानिक और छात्र एआई आधारित वैज्ञानिक खोजों को तेज कर सकें.
छात्रों के लिए
शिक्षा सेक्टर के लिए भी गूगल ने बड़े इनिशिएटिव्स की घोषणा की है. अटल टिंकरिंग लैब्स के जरिए 11 मिलियन छात्रों को जेन एआई असिस्टेंट्स दिए जाएंगे. इसका मकसद छात्रों को शुरुआती स्तर पर एआई टूल्स से परिचित कराना और इनोवेशन को बढ़ावा देना है. इससे भारत के युवा टैलेंट को एआई रेडी बनाने की रणनीति को मजबूती मिलेगी.
कर्मयोगी के साथ मिलकर काम
वर्कफोर्स डेवलपमेंट के तहत गूगल कर्मयोगी भारत के साथ मिलकर 800 से ज्यादा जिलों में 20 मिलियन सरकारी कर्मचारियों को एआई ट्रेनिंग देगा. इसके अलावा गूगल एआई प्रोफेशनल सर्टिफिकेट्स अब इंग्लिश और हिंदी दोनों भाषाओं में लॉन्च किए जाएंगे, जो वाधवानी एआई के साथ पार्टनरशिप में होंगे. यह कदम सरकारी और प्राइवेट सेक्टर दोनों में एआई स्किल गैप को कम करने में मदद करेगा.
रिसर्च के लिए फंड
गूगल ने सरकार और रिसर्च सेक्टर के लिए 30 मिलियन डॉलर के दो बड़े फंड्स की भी घोषणा की है. गूगल डॉट ओआरजी एआई फॉर गवर्नमेंट इनोवेशन इम्पैक्ट चैलेंज के तहत एआई आधारित गवर्नमेंट टू सिटीजन सॉल्यूशंस को सपोर्ट किया जाएगा. वहीं गूगल डॉट ओआरजी एआई फॉर साइंस इम्पैक्ट चैलेंज एक ग्लोबल फंड होगा, जो एआई आधारित वैज्ञानिक रिसर्च को बढ़ावा देगा. इसका मकसद एआई के रियल वर्ल्ड एप्लीकेशन को तेज करना है. क्लाइमेट टेक्नोलॉजी के लिए गूगल ने प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर के ऑफिस के साथ मिलकर गूगल सेंटर फॉर क्लाइमेट टेक्नोलॉजी लॉन्च किया है. यह सेंटर एआई का इस्तेमाल करके क्लाइमेट चेंज, एनर्जी एफिशिएंसी और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस पर काम करेगा.
क्या बोले पिचाई
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि भारत एक असाधारण एआई युग की शुरुआत पर खड़ा है. उन्होंने कहा कि भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, तेजी से टेक्नोलॉजी अपनाने और ऑप्टिमिज्म के कारण एआई भारत के लिए हेल्थकेयर, एजुकेशन और अवसरों में बड़ी छलांग लगाने का मौका देता है. उन्होंने कहा कि गूगल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किलिंग और जिम्मेदार इनोवेशन में फुल स्टैक पार्टनर बनने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि हर भारतीय को एआई का लाभ मिल सके.
भारत ग्लोबल लीडर बन सकता है
गूगल डीपमाइंड के सीईओ डेमिस हसबिस ने कहा कि भारत एआई इन साइंस और मेडिसिन में ग्लोबल लीडर बनने की अनोखी स्थिति में है. उन्होंने कहा कि कृषि और क्रिएटिव इंडस्ट्री जैसे कोर सेक्टर्स पर फोकस करके भारत क्लाइमेट रेजिलिएंस जैसी ग्लोबल चुनौतियों के लिए एआई सॉल्यूशंस विकसित कर सकता है. उन्होंने कहा कि जेमिनी और अल्फाफोल्ड जैसे टूल्स भारतीय वैज्ञानिकों को नई खोजों में तेजी लाने में मदद करेंगे. गूगल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जेम्स मैन्यिका ने कहा कि भारत और ग्लोबल साउथ बड़े पैमाने पर एआई अपनाने के ऐतिहासिक मौके पर हैं. उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी के प्रभाव को समझना और स्किलिंग, लिटरेसी और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करना जरूरी है ताकि एआई सभी के लिए आर्थिक विकास का इंजन बन सके.
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