गूगल अपनी ‘अमेरिका-इंडिया कनेक्ट’ पहल के जरिए भारत और बाकी दुनिया के बीच डेटा ट्रांसफर के लिए समुद्र के नीचे नई फाइबर-ऑप्टिक लाइनें बिछा रहा है. सुंदर पिचाई ने दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर 15 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता दोहराई है, जिससे दक्षिण भारत में एक विशाल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा. इन फाइबर केबल्स के बिछने से भारत में इंटरनेट की गति बढ़ेगी, डेटा सुरक्षित रहेगा और एआई आधारित रिसर्च को नई ताकत मिलेगी. गूगल के साथ-साथ एंथ्रोपिक जैसी अन्य अमेरिकी कंपनियां भी भारत के तकनीकी टैलेंट और बड़े बाजार को देखते हुए तेजी से अपना विस्तार कर रही हैं.
ऑप्टिकल फाइबर केबल में असल में कांच या प्लास्टिक के बेहद महीन धागे होते हैं, जो डाटा को बिजली के बजाय लाइट (लेजर) के रूप में ट्रांसफर करते हैं, जिससे इंटरनेट की स्पीड और क्वालिटी कई गुना बढ़ जाती है. इन फाइबर लाइनों के जरिए न केवल आम जनता को तेज इंटरनेट मिलेगा, बल्कि वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को भी बड़े डेटा सेट पर काम करने में आसानी होगी, जिसके लिए गूगल ने 60 मिलियन डॉलर की अतिरिक्त मदद की भी घोषणा की है.
समुद्र के नीचे बिछाई जाएंगी केबल्स
गूगल जिन ऑप्टिकल फाइबर लाइन की बात कर रहा है वह मुख्य रूप से सब-सी केबल्स हैं जिन्हें समुद्र के नीचे बिछाया जाएगा. ये केबल्स एक महाद्वीप को दूसरे महाद्वीप से जोड़ती हैं. भारत के मामले में ये केबल्स दक्षिण भारत के तटों (जैसे चेन्नई या मुंबई) से जुड़कर सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया या अमेरिका तक डेटा ले जाएंगी.समुद्र तट पर पहुंचने के बाद इन केबल्स को जमीन के नीचे दबाकर शहरों, डेटा सेंटर्स और अंत में आपके घरों या ऑफिसों तक पहुंचाया जाता है. इन्हें टेरेस्ट्रियल लाइन्स कहते हैं.
इससे फायदा क्या होता है?
ऑप्टिकल फाइबर वाला इंटरनेट काफी तेज चलता है. लाइट की गति से डेटा चलने के कारण इसमें गीगाबिट की स्पीड मिलती है. यह तांबे के तारों के मुकाबले सैकड़ों गुना तेज है. इसका सबसे ज्यादा महत्व एआई और गेमिंग जैसे कामों में समझ आता है, जहां बहुत अधिक स्पीड अनिवार्य होती है. फाइबर केबल्स डेटा ट्रांसफर में होने वाली देरी को खत्म कर देती हैं. इन केबल्स पर बिजली के झटकों या खराब मौसम का असर नहीं होता, इसलिए इंटरनेट कनेक्शन बार-बार कटता नहीं है. एक ही फाइबर केबल एक साथ करोड़ों लोगों का डेटा लोड उठा सकती है, जिससे नेटवर्क जाम होने की समस्या नहीं होती.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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