आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर (Anuradha Thakur) ने कहा है कि अगले वित्त वर्ष में सरकार का 17.2 लाख करोड़ रुपये का उधार निजी निवेश के लिए किसी तरह की दिक्कत पैदा नहीं करेगा. कुल उधारी में से 5.5 लाख करोड़ रुपये पुराने कर्ज के भुगतान में जाएंगे, जिससे शुद्ध उधार 11.73 लाख करोड़ रुपये रहेगा. सरकार के मुताबिक यह आंकड़ा पहले के वर्षों के अनुरूप है और बाजार के लिए पूरी तरह मैनेजेबल है.
सरकार आमतौर पर अपने राजकोषीय घाटे को पूरा करने के लिए बाजार से डेटेड सिक्योरिटीज के जरिए पैसा उधार लेती है. बजट में FY26 के लिए सरकार ने 14.61 लाख करोड़ रुपये की सकल उधारी का अनुमान लगाया था, जो पहले के अनुमानों से थोड़ा कम है.
सरकार कर्ज क्यों लेती है
सरकार कर्ज इसलिए लेती है क्योंकि उसकी आमदनी और खर्च के बीच अक्सर अंतर रह जाता है. टैक्स और अन्य स्रोतों से मिलने वाली आय से जब सभी योजनाओं, सब्सिडी, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक खर्च पूरे नहीं हो पाते, तब सरकार बाजार से उधार लेती है. इस कर्ज का इस्तेमाल सड़क, रेलवे, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विकास कार्यों में किया जाता है. सरकार का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया गया खर्च आगे चलकर अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है, रोजगार पैदा करता है और टैक्स कलेक्शन बढ़ाने में मदद करता है.
निजी निवेश पर असर को लेकर क्या कहा गया
रिकॉर्ड उधारी को लेकर यह चिंता जताई जा रही थी कि इससे निजी निवेश के लिए पैसा महंगा हो सकता है. इस पर अनुराधा ठाकुर ने भरोसा दिलाया कि सरकार की उधारी इस तरह से की जाएगी कि निजी सेक्टर के लिए पर्याप्त लिक्विडिटी बनी रहे. उनके मुताबिक यह आंकड़ा पूरी गणना और विश्लेषण के बाद तय किया गया है.
AIF और विदेशी निवेश से जुड़े अहम फैसले
आर्थिक कार्य सचिव ने बताया कि बजट में अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स की लंबे समय से चली आ रही मांग को भी पूरा किया गया है. अब AIFs को LLP के रूप में काम करने या उसमें बदलने की अनुमति दी जाएगी, जिससे उनकी जिम्मेदारी सीमित होगी और ऑपरेशनल दिक्कतें कम होंगी. इसके अलावा बजट में यह भी प्रस्ताव किया गया है कि भारत से बाहर रहने वाले व्यक्ति अब पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट स्कीम के जरिए भारतीय कंपनियों के शेयरों में निवेश कर सकेंगे. इसके तहत एक व्यक्ति के लिए निवेश सीमा 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत और कुल सीमा 24 प्रतिशत तक करने का प्रस्ताव है. इससे देश में विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ने की उम्मीद है.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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