पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यवधान का असर अब भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर भी दिखने लगा है. सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए होटल और रेस्टोरेंट को मिलने वाली गैस में कटौती की है और वैकल्पिक ईंधन इस्तेमाल की अस्थायी अनुमति दी है.
भारत प्रतिदिन करीब 58 लाख बैरल तेल की खपत करता है. (AI Photo)
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार आतिथ्य क्षेत्र में ईंधन की कमी को देखते हुए पर्यावरण नियामक संस्थाओं से कहा गया है कि एक महीने के लिए होटल और रेस्टोरेंट को बायोमास, आरडीएफ पेलेट और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए. सरकार का मानना है कि इससे घरेलू रसोई के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी.
राज्यों को अतिरिक्त मिट्टी का तेल
सरकार ने राज्यों को नियमित कोटे के अलावा 48 हजार किलोलीटर अतिरिक्त मिट्टी का तेल भी आवंटित किया है. आम तौर पर राज्यों को करीब एक लाख किलोलीटर मिट्टी का तेल दिया जाता है. अतिरिक्त आवंटन का उद्देश्य यह है कि जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग खाना पकाने के ईंधन के रूप में किया जा सके.
होर्मुज रास्ते से आती है बड़ी ऊर्जा आपूर्ति
भारत प्रतिदिन करीब 58 लाख बैरल तेल की खपत करता है. इसमें से लगभग 25 से 27 लाख बैरल तेल पश्चिम एशिया के देशों से इसी समुद्री रास्ते से होकर आता है. इसके अलावा देश की 55 प्रतिशत एलपीजी और करीब 30 प्रतिशत एलएनजी की आपूर्ति भी इसी जलमार्ग से होती है. यही कारण है कि इस मार्ग में किसी भी तरह का व्यवधान भारत के लिए चिंता का विषय बन जाता है.
घरेलू एलपीजी को दी गई प्राथमिकता
ईरान और अमेरिका इजराइल के बीच सैन्य संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने के बाद तेल कंपनियों ने घरेलू एलपीजी को प्राथमिकता देने का फैसला किया है. इस वजह से होटल और रेस्टोरेंट जैसे वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को मिलने वाली गैस में कटौती की गई है ताकि घरेलू रसोई में गैस की कमी न हो.
सरकार का दावा, पेट्रोल डीजल की कोई कमी नहीं
पेट्रोलियम मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार सरकार के कदमों से घरेलू एलपीजी उत्पादन में करीब 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. इसके साथ ही विदेशों से वैकल्पिक स्रोतों से भी आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि देश के एक लाख से अधिक पेट्रोल पंपों में कहीं भी पेट्रोल या डीजल की कमी नहीं है और एलपीजी वितरकों के पास भी पर्याप्त भंडार मौजूद है.
आयात के नए स्रोतों पर जोर
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार भारत ने अपनी तेल आयात रणनीति को पहले से ज्यादा व्यापक बना लिया है. उन्होंने बताया कि अब भारत 40 देशों से कच्चा तेल खरीदता है, जबकि वर्ष 2006 से 2007 में यह संख्या केवल 27 देशों तक सीमित थी. खाड़ी देशों के अलावा अब अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस से भी तेलवाहक जहाज मंगाए जा रहे हैं ताकि आपूर्ति में किसी तरह की बाधा न आए.
घबराहट में बुकिंग न करने की अपील
सरकार के अनुसार एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग अचानक बढ़ गई है, जो वास्तविक कमी के कारण नहीं बल्कि लोगों की चिंता की वजह से हो रही है. इसी कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सब्सिडी वाले सिलेंडर की अगली बुकिंग की न्यूनतम अवधि 45 दिन कर दी गई है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह अवधि अभी 25 दिन ही रखी गई है. सरकार का कहना है कि देश में ईंधन की वास्तविक कमी नहीं है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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