सरकार ने भारत टैक्सी नाम से नई कैब सर्विस लॉन्च की है, जिसका मकसद ओला, उबर और रैपिडो के मुकाबले कम पैसे में सर्विस देना है और साथ ही ड्राइवर्स को भी फायदा पहुंचाना है. केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में इसकी शुरुआत करते हुए बताया कि इस मॉडल में कैब और ऑटो ड्राइवर सिर्फ ₹500 लगाकर कंपनी के को-ओनर बन सकते हैं और तीन साल बाद मुनाफे में हिस्सा पा सकते हैं. उन्होंने कहा कि यह मॉडल निजी कंपनियों से अलग है, जहां ड्राइवरों से 30% तक कमीशन लिया जाता है और न्यूनतम किराये की गारंटी नहीं होती.
भारत टैक्सी में ड्राइवरों को प्रति किलोमीटर न्यूनतम फिक्स्ड रेट मिलेगा और वे कंपनी के मालिक बनेंगे. अमित शाह ने अमूल का भी उदाहरण दिया, जहां महिलाओं ने सिर्फ 50 रुपये लगाकर आज 1.25 लाख करोड़ की कंपनी बना दी. इसी तरह भारत टैक्सी में भी छोटी रकम से बड़ा फायदा हो सकता है.
कैसे 500 रुपये के निवेश से मिलेगा मोटा फायदा?
इस मॉडल में ड्राइवर को बस 500 रुपये का निवेश करना पड़ता है, जिससे वे शेयरधारक बन जाते हैं. पहले तीन साल कंपनी का विस्तार होगा, जिसमें मुनाफा कंपनी में ही लगेगा. तीन साल बाद अगर कंपनी 25 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाती है, तो उसमें से 20 प्रतिशत यानी 5 करोड़ रुपये कंपनी के कैपिटल में रहेंगे और 80 प्रतिशत यानी 20 करोड़ रुपये ड्राइवरों में बांट दिए जाएंगे. यह बंटवारा हर ड्राइवर द्वारा चलाए गए किलोमीटर के आधार पर होगा. शुरू में ड्राइवर फिक्स्ड रेंट कमाते रहेंगे, लेकिन तीन साल बाद वे मुनाफे में भी हिस्सेदार होंगे.
#WATCH | Delhi: Union Home and Cooperation Minister Amit Shah interacts with Bharat Taxi drivers.Union Home and Cooperation Minister Amit Shah launched India’s first cooperative-based ride-hailing platform, “Bharat Taxi,” on February 5 in Delhi. pic.twitter.com/H9ua6woeA2
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