Crude Crisis : ईरान ने दुनिया के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता बंद कर दिया और चेतावनी दी है कि जो भी जहाज यहां से गुजरेंगे, उनकी खैर नहीं. ऐसे में भारत के लिए होने वाली तेल सप्लाई पर इसका कितना असर पड़ेगा और गतिरोध लंबा खिंचता है तो भारत के पास अपने भंडार को बढ़ाने के लिए क्या विकल्प होंगे.
होर्मुज का रास्ता बंद होने से 33 फीसदी क्रूड सप्लाई पर असर पड़ सकता है.
केप्लर ने बताया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते भारत अपनी जरूरत का काफी तेल मंगाता है. हालांकि, इस रास्ते से कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी भारत के पास लगभग 40-45 दिन की जरूरत पूरी करने लायक कच्चे तेल का भंडार मौजूद है. एजेंसी का कहना है कि भारत के पास करीब 10 करोड़ बैरल वाणिज्यिक कच्चे तेल का स्टॉक है. इसमें रिफाइनरियों के पास मौजूद स्टॉक, भूमिगत रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (एसपीआर) और देश की ओर आ रहे जहाजों पर लदा तेल शामिल है.
कितनी तेल सप्लाई पर होगा असर
भारत अपनी जरूरत का लगभग 88 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है. कुल आयात का आधे से अधिक हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है और इसका बड़ा भाग होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है. एक अनुमान के मुताबिक, भारत प्रतिदिन औसतन करीब 50 लाख बैरल कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें से करीब 25 लाख बैरल तेल प्रतिदिन होर्मुज मार्ग से आता है. इसका मतलब है कि होर्मुज के रास्ते बंद होने से रोजाना करीब 25 लाख बैरल तेल की सप्लाई पर असर पड़ेगा.
कीमतों पर भी पड़ सकता है असर
केप्लर के प्रमुख शोध विश्लेषक सुमित रितोलिया ने कहा कि यदि पश्चिम एशिया से तेल आपूर्ति अस्थायी रूप से रुकती है, तो तत्काल असर आपूर्ति व्यवस्था और कीमतों पर पड़ेगा. हालांकि, रिफाइनरियां सामान्यतः वाणिज्यिक भंडार बनाए रखती हैं और पहले से रवाना हो चुके तेलवाहक जहाजों के आते रहने से अल्पकालिक राहत मिलेगी. बावजूद इसके लंबे समय तक व्यवधान बने रहने पर तेल आयात की लागत, ढुलाई खर्च और वैकल्पिक मार्गों के कारण दबाव बढ़ेगा.
तेल खरीदने पर कितना पैसा खर्च
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का दाम 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जो ईरान संकट शुरू होने के पहले के स्तर से करीब 10 फीसदी अधिक है. भारत ने पिछले वित्त वर्ष में कच्चे तेल के आयात पर 137 अरब डॉलर खर्च किए थे. चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जनवरी अवधि में भी 20.63 करोड़ टन कच्चे तेल के आयात पर 100.4 अरब डॉलर खर्च हो चुके हैं. पश्चिम एशिया में संघर्ष छिड़ने के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से आवाजाही प्रभावित हुई है.
About the Author
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.