साल 2020 में बॉर्डर पर हुई झड़प के बाद भारत ने चीनी सामानों और कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे. लेकिन अब खबर आ रही है कि सरकार इन नियमों में थोड़ी ढील दे रही है.
न्यूज एजेंसी रायटर्स के मुताबिक, भारत ने 2020 में सीमा पर झड़प के बाद चीनी कंपनियों पर जो सख्त पाबंदियां लगाई थीं, उनमें अब कुछ ढील देना शुरू कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक, पावर और कोयला सेक्टर की सरकारी कंपनियों को सीमित दायरे में चीन से जरूरी उपकरण आयात करने की अनुमति दी गई है.
2020 की झड़प के बाद चीन पर सख्त हो गई थी भारत सरकार
साल 2020 में भारत और चीन के बीच हुई झड़प के बाद केंद्र सरकार ने चीनी कंपनियों के लिए सरकारी टेंडर में हिस्सा लेना मुश्किल बना दिया था. उन्हें सरकारी पैनल में रजिस्ट्रेशन और सुरक्षा मंजूरी लेना जरूरी किया गया था. इससे भारत के करीब 700-750 अरब डॉलर के सरकारी कॉन्ट्रैक्ट मार्केट में चीनी कंपनियों की एंट्री लगभग बंद हो गई थी.
चीनी मशीनों के आयात पर पाबंदियां हुईं कम
अब सरकार ने पावर ट्रांसमिशन में इस्तेमाल होने वाले एक अहम इक्विपमेंट को बिना विशेष मंजूरी के चीन से खरीदने की छूट दी है. कोयला सेक्टर के कुछ जरूरी इक्विपमेंट के लिए भी तय समय की छूट देने पर विचार चल रहा है. अधिकारियों का कहना है कि अगर आयात पर रोक जारी रहती, तो देश की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और प्रोजेक्ट्स पर असर पड़ता.
पूरी तरह से दरवाजे नहीं खोल रही भारत सरकार
सूत्रों के अनुसार, टॉप अफसरों की एक इंटर-मिनिस्ट्री पैनल ने इस छूट को मंजूरी दे दी है और जल्द औपचारिक आदेश जारी हो सकता है. पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स में अगले तीन साल में ट्रांसफॉर्मर और रिएक्टर जैसे इक्विपमेंट की करीब 40% कमी की आशंका है, जिससे कई परियोजनाएं अटक रही हैं. हालांकि सरकार पूरी तरह से दरवाजे नहीं खोल रही है. जरूरी उपकरणों के आयात को केस-टू-केस आधार पर मंजूरी दी जा सकती है. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब भारत और चीन के बीच कारोबारी रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने की कोशिशें हो रही हैं.
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प्रिंट मीडिया से करियर की शुरुआत करने के बाद पिछले 8 सालों से News18Hindi में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं. लगभग 4 सालों से बिजनेस न्यूज टीम का हिस्सा हैं. मीडिया में करीब डेढ़ दशक का अनुभव रखते हैं. बिजन…और पढ़ें
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