भारत की रूसी तेल खरीद मार्च में सबसे कम स्तर पर पहुंचने वाली है. आंकड़ों के अनुसार, मार्च में भारत रोजाना सिर्फ 8 लाख बैरल रूसी तेल आयात करेगा. यह मई 2022 के बाद सबसे कम है.
रूस से दूरी और सऊदी से नजदीकी की वजह
‘केप्लर’ के मुताबिक, फरवरी में ही सऊदी अरब से तेल का आयात रिकॉर्ड स्तर (12.6 लाख बैरल प्रति दिन) पर पहुंच गया है. वहीं, रूस से आयात जो कभी 18 लाख बैरल प्रति दिन हुआ करता था, वह अब घटकर लगभग 13 लाख बैरल के आसपास रह गया है. इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण अमेरिका और भारत के बीच हालिया व्यापारिक समझौता और रूसी तेल पर लगने वाली पाबंदियां मानी जा रही हैं. अमेरिका ने भारत पर से कुछ टैरिफ कम किए हैं, जिसके बदले में भारत ने रूस से निर्भरता कम करने के संकेत दिए हैं.
देश की रिफाइनरीज का रुख
देश की दिग्गज रिफाइनरी ने रूसी तेल की खरीद फिर से शुरू तो की है, लेकिन यह केवल उन सेलर्स से ली जा रही है जिन पर कोई प्रतिबंध नहीं है. साथ ही, नयारा एनर्जी की रिफाइनरी में मरम्मत का काम शुरू होने की वजह से भी आने वाले महीनों में रूसी तेल की मांग कम रहने की उम्मीद है.
चीन ने बढ़ाई रूसी तेल की खरीद
दिलचस्प बात यह है कि जहां भारत रूस से दूरी बना रहा है, वहीं चीन ने रूसी तेल की खरीद बढ़ा दी है. फरवरी में चीन का रूसी तेल आयात बढ़कर 20.8 लाख बैरल प्रति दिन तक पहुंच गया है.
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प्रिंट मीडिया से करियर की शुरुआत करने के बाद पिछले 8 सालों से News18Hindi में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं. लगभग 4 सालों से बिजनेस न्यूज टीम का हिस्सा हैं. मीडिया में करीब डेढ़ दशक का अनुभव रखते हैं. बिजन…और पढ़ें
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