IndiGo Q3 Result: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन (InterGlobe Aviation) का चालू वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में मुनाफा घट गया है. कंपनी ने बताया कि दिसंबर तिमाही में उसका कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 77 फीसदी गिरकर 549.8 करोड़ रुपये रह गया.
कंपनी के मुताबिक, मुनाफे में इस भारी गिरावट की दो बड़ी वजहें नए लेबर कोड का असर और दिसंबर 2025 में ऑपरेशनल अव्यवस्था (फ्लाइट कैओस) रहीं. हालांकि, इन चुनौतियों के बावजूद इंडिगो की कमाई में बढ़ोतरी दर्ज की गई.
रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन मुनाफा घटा
तिमाही के दौरान IndiGo का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस साल-दर-साल आधार पर 6 फीसदी बढ़कर 23,471.9 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी का घरेलू एविएशन मार्केट में लगभग दो-तिहाई हिस्सा है, लेकिन बढ़ी लागत ने मुनाफे पर भारी दबाव डाला.
नए लेबर कोड से बड़ा झटका
21 नवंबर से लागू हुए नए लेबर कोड्स जिनमें कोड ऑन वेजेस, इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड, सोशल सिक्योरिटी कोड और वर्किंग कंडीशंस कोड शामिल हैं, का सीधा असर कंपनी के खर्च पर पड़ा. इन नियमों के तहत अब बेसिक सैलरी कम से कम कुल सैलरी (CTC) का 50 फीसदी होना जरूरी है, जिससे कंपनियां अलाउंस के जरिए लागत कम नहीं कर सकतीं.
कंपनी ने बताया कि नए लेबर कोड की वजह से उसे 969.3 करोड़ रुपये का एकमुश्त असाधारण नुकसान उठाना पड़ा.
दिसंबर कैओस का असर
इसके अलावा दिसंबर 2025 में आई ऑपरेशनल दिक्कतों और उड़ानों में भारी अव्यवस्था के चलते कंपनी को 577.2 करोड़ रुपये का एकमुश्त नुकसान हुआ, जिसका सीधा असर तिमाही के नतीजों पर पड़ा. कुल मिलाकर, मजबूत मांग और बढ़ते रेवेन्यू के बावजूद बढ़ी लागत और असाधारण घटनाओं ने इंडिगो के मुनाफे को गहरा झटका दिया है.
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प्रिंट मीडिया से करियर की शुरुआत करने के बाद पिछले 8 सालों से News18Hindi में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं. लगभग 4 सालों से बिजनेस न्यूज टीम का हिस्सा हैं. मीडिया में करीब डेढ़ दशक का अनुभव रखते हैं. बिजन…और पढ़ें
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