महाराष्ट्र सरकार ने बाइक टैक्सी सेवाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है. राज्य में ओला, उबर और रैपिडो के अस्थायी लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं. सरकार का कहना है कि कंपनियों ने तय समय सीमा के भीतर जरूरी शर्तें पूरी नहीं कीं. इस कदम का मकसद नियमों का पालन सुनिश्चित करना और अवैध संचालन पर रोक लगाना है.
ई-बाइक नीति में गड़बड़ी पर बड़ा कदम, ओला-उबर-रैपिडो के परमिट रद्द. (Image:AI)
नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई
राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधान परिषद में बताया कि इन कंपनियों को कुछ शर्तों के साथ अस्थायी अनुमति दी गई थी. लेकिन निर्धारित समय के भीतर जरूरी कागजात जमा नहीं किए गए. इसके चलते सरकार को उनके लाइसेंस रद्द करने का फैसला लेना पड़ा. उन्होंने कहा कि नियमों का पालन करना सभी कंपनियों के लिए अनिवार्य है और इसमें किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी.
ई-बाइक नीति के तहत तय थे नियम
सरकार ने ‘महाराष्ट्र ई-बाइक टैक्सी नियमावली 2024’ के तहत बाइक टैक्सी सेवाओं को मंजूरी दी थी. इस नीति के अनुसार बाइक टैक्सी के रूप में केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल होना चाहिए. इसके अलावा कंपनियों को 30 दिनों के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी करनी थीं. सरकार का कहना है कि इस नीति का उद्देश्य पर्यावरण को सुरक्षित रखना और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर देना था.
आरटीओ को दिए गए सख्त निर्देश
परिवहन मंत्री के मुताबिक हाल ही में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी. इस बैठक में यह पाया गया कि कुछ कंपनियों ने अब तक जरूरी दस्तावेज जमा नहीं किए हैं. इसके बाद अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ऐसे मामलों में तुरंत अस्थायी लाइसेंस रद्द कर दिए जाएं. सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद सड़कों पर अवैध रूप से चल रही बाइक टैक्सी सेवाओं को रोकना और व्यवस्था को बेहतर बनाना है.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
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