Mobile Source Code : आईटी हार्डवेयर बनाने वाली कंपनियों के संगठन ने कहा है कि अभी तक सरकार की ओर से ऐसा कोई निर्देश नहीं आया है, जिसमें उनसे सोर्स कोड साझा करने के लिए कहा गया हो.
हाल ही में ऐसी चर्चा सामने आई थी कि मोबाइल फोन विनिर्माताओं को सुरक्षा जांच के लिए अपना सोर्स कोड परीक्षण प्रयोगशाला के साथ साझा करना पड़ सकता है. अब सूचना प्रौद्योगिकी विनिर्माण संघ (एमएआईटी) ने कहा कि सरकार के 18 जून, 2025 को जारी कार्यालय ज्ञापन में यह बात साफ तौर पर कही गई है कि सोर्स कोड साझा करना अनिवार्य नहीं है. हम यह स्पष्ट करते हैं कि मंत्रालय की यह हिदायत पुरानी किसी भी व्याख्या या मसौदे के ऊपर है.
दायरे में कौन सी कंपनियां
इस संगठन में एप्पल, सैमसंग, वनप्लस, एचपी, नोकिया, लेनोवो और डिक्सन जैसी बड़ी फोन विनिर्माण कंपनियां शामिल हैं. संगठन ने कहा कि उसकी आंतरिक चर्चाओं से जुड़े दस्तावेज केवल सदस्यों के बीच विचार-विमर्श के लिए होते हैं और यह कहना गलत है कि एमएआईटी ने सोर्स कोड साझा करने का समर्थन किया है. सरकार की ओर से भी अभी तक ऐसा कोई निर्देश नहीं है, जिसमें सोर्स कोड सोझा करना अनिवार्य बताया गया हो.
क्या बोला आईटी मंत्रालय
मंत्रालय ने हाल में कहा कि मोबाइल सुरक्षा को लेकर उद्योग जगत के साथ नियमित बातचीत की जा रही है. मंत्रालय ने कहा कि स्मार्टफोन अब बैंकिंग, सरकारी सेवाओं और निजी जानकारी के लिए बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहे हैं, लिहाजा इनकी सुरक्षा बेहद अहम है. हालांकि, इस सुरक्षा को कायम रखने की जिम्मेदारी फोन विनिर्माता कंपनियों की है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सरकार भी दखल दे सकती है. अभी तक सरकार की ओर से ऐसा कोई आदेश नहीं दिया गया है कि कंपनियों के लिए सोर्स कोर्ड साझा करना जरूरी होगा.
क्या होता है मोबाइल का सोर्स कोड
- किसी भी मोबाइल का सोर्स कोड किसी बिल्डिंग के ब्लूप्रिंट जैसा होता है.
- इससे पता चलता है कि कोई फोन कब और कैसे अपना कैमरा ऑन करेगा.
- मोबाइल के बैकग्राउंड में कौन सा ऐप क्या काम कर सकेगा.
- मोबाइल का डाटा कैसे और कहां स्टोर होगा.
- मोबाइल का फिंगरप्रिंट और फेस अनलॉक जैसे फीचर कैसे काम करेंगे.
- मोबाइल के सिक्योरिटी फीचर जैसे एन्क्रिप्शन और प्राइवेसी कंट्रोल कैसे लागू होंगे.
- मोबाइल की बैटरी कैसे मैनेज होगी और स्क्रीन कैसे चमकेगी.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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