क्या है यह इंश्योरेंस और किसे मिलता है?
यह इंश्योरेंस योजना श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए है, जो यात्रा के दौरान किसी दुर्घटना या अप्रत्याशित घटना (जैसे दुर्घटना में मृत्यु या गंभीर चोट) की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान करती है. पहले यह कवर 5 लाख रुपये का था, जो अब बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है. यह लाभ हर उस श्रद्धालु को मिलता है जो वैष्णो देवी की यात्रा पर जाता है.
बोर्ड के अनुसार, यह कवर यात्रा के दौरान लागू होता है और श्रद्धालुओं को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के प्रदान किया जाता है. दावा करने की प्रक्रिया बोर्ड के दिशानिर्देशों के अनुसार होती है, जिसमें दुर्घटना की रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं. यह योजना यात्रा को सुरक्षित बनाने और श्रद्धालुओं के परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए डिजाइन की गई है.
बोर्ड की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह फैसला श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाने और उनकी यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक कदम है.
बैठक में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण फैसले
- अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय की स्थापना: कटरा के नटाली में ‘शक्ति संग्रहालय’ बनाया जाएगा, जो एशियन हेरिटेज फाउंडेशन के सहयोग से धार्मिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में काम करेगा.
- साउंड एंड लाइट शो: वैश्विक तीर्थस्थलों की तर्ज पर आधुनिक तकनीक से पौराणिक कथाओं को जीवंत करने वाला शो शुरू किया जाएगा. उपराज्यपाल ने बोर्ड से ठोस सुझाव मांगे हैं, ताकि प्रोजेक्ट अगले कुछ महीनों में शुरू हो और दो साल में पूरा हो.
- डॉक्यूमेंट्री का निर्माण: माता वैष्णो देवी श्राइन पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाई जाएगी.
- भर्ती और कोचिंग सेंटर: खाली पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी. कटरा और आसपास के इलाकों में नीट एस्पिरेंट्स के लिए मुफ्त कोचिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे.
- पुनर्वास योजना: ट्रैक पर सेवा प्रदाताओं जैसे पोनीवालों के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के अनुसार चरणबद्ध पुनर्वास योजना लागू की जाएगी.
- श्रद्धालु संख्या बढ़ाने की कमिटी: एक कमिटी गठित की गई है जो श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाने और यात्रा अनुभव सुधारने के सुझाव देगी.
- खेलों का प्रोत्साहन: जम्मू क्षेत्र में खेलों को बढ़ावा देकर जम्मू-कश्मीर को राष्ट्रीय स्तर का खेल केंद्र बनाया जाएगा.
- पुजारियों की ट्रेनिंग: पुजारियों के लिए विशेष ट्रेनिंग पर जोर दिया गया.
- स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा: स्वयं सहायता समूहों, महिलाओं और युवा स्थानीय उद्यमियों से खरीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी. कटरा को स्वच्छ, जीवंत और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर वाला शहर बनाने में बोर्ड सीधा योगदान देगा.
- इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा: भवन से निकास ट्रैक का निर्माण, यात्रा ट्रैक का चौड़ीकरण, ढलान स्थिरीकरण, कटरा में श्री शंकराचार्य जी मंदिर का निर्माण और जम्मू के चैतन्य आश्रम में दिव्यांगों के लिए स्कूल जैसी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई. समयसीमा, गुणवत्ता और सुरक्षा पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए.
- समुदायिक कल्याण: अगस्त-सितंबर 2025 की भारी बारिश से क्षतिग्रस्त रियासी और उधमपुर जिलों की 15 स्कूलों का पांच महीनों में नवीनीकरण किया गया, जिसकी सराहना की गई.
- हरित पहल: 2026-27 के लिए वार्षिक ग्रीन प्लान को मंजूरी दी गई. उपराज्यपाल ने सीईओ को पर्यावरण स्थिरता पर जोर देने, खासकर कटरा शहर और आसपास के इलाकों को स्वच्छ और हरित बनाने के निर्देश दिए.
बेहतर ‘पाउच प्रसाद’ लॉन्चिंग की प्लानिंग
बैठक के दौरान उपराज्यपाल ने कई श्रद्धालु-केंद्रित सुविधाओं की आधारशिला रखी, जिनमें रियासी जिले में तीन नए मंदिरों का निर्माण, जम्मू जिले में दो प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार (1.21 करोड़ रुपये की लागत से), भैरों जी मंदिर कॉम्प्लेक्स का पुनर्विकास और भवन तथा भैरों जी में स्टाफ आवास का निर्माण शामिल है. इसके अलावा, कटरा में नए कॉटेज का उद्घाटन किया गया और एक बेहतर ‘पाउच प्रसाद’ लॉन्च किया गया, जिसमें सूखे मेवे, पवित्र पिंडियों की नक्काशीदार सिक्का और पवित्र ‘मौली’ (धागा) शामिल है.
उपराज्यपाल ने कहा, “बोर्ड का संकल्प है कि कटरा को स्वच्छ, जीवंत बनाया जाए और निवासियों तथा लाखों श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान किया जाए.” ये फैसले वैष्णो देवी को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय रूप से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं.
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