मशहूर निवेशक मुकुल महावीर अग्रवाल ने दिसंबर तिमाही में अपने करीब 6,500 करोड़ रुपये के शेयर पोर्टफोलियो में अहम बदलाव किए हैं. उन्होंने कुछ नए शेयरों में निवेश किया, कई कंपनियों में हिस्सेदारी बढ़ाई और मुनाफा बुक करने के लिए कुछ शेयरों में कटौती भी की. ये फैसले स्मॉलकैप शेयरों में आई गिरावट और बाजार की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए की गई रणनीतिक चाल को दर्शाते हैं.
दिग्गज निवेशक मुकुल महावीर अग्रवाल ने दिसंबर तिमाही (Q3) के दौरान अपने करीब 6,500 करोड़ रुपये के इक्विटी पोर्टफोलियो में बड़े बदलाव किए. इस दौरान उन्होंने कुछ नए शेयर पोर्टफोलियो में जोड़े, कुछ कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई और कुछ में कटौती भी की. ये बदलाव 2025 में स्मॉलकैप शेयरों में आई भारी बिकवाली और कुछ खास शेयरों में तेज गिरावट के बाद किए गए रणनीतिक फैसलों को दिखाते हैं. आइए जानते हैं तीसरी तिमाही में किन शेयरों में निवेश बढ़ा, कहां कटौती हुई और किनसे पूरी तरह बाहर निकले.

मुकुल अग्रवाल ने हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन के शेयर को पहली बार अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया. उन्होंने कंपनी में 1.68% हिस्सेदारी खरीदी, जो करीब 4.40 करोड़ शेयरों के बराबर है. पिछले एक साल में शेयर की कीमत 30% से ज्यादा गिर चुकी है, जिसके बाद उन्होंने इसमें निवेश किया.

उन्होंने अलकार्गो लॉजिस्टिक्स कंपनी में 2.9% हिस्सेदारी खरीदी. बीते एक साल में यह शेयर करीब 80% तक टूट चुका है. अलकार्गो एक ग्लोबल इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स कंपनी है, जो एलसीएल कंसोलिडेशन, समुद्री और हवाई माल ढुलाई तथा कॉन्ट्रैक्ट लॉजिस्टिक्स सेवाएं देती है.
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मुकुल अग्रवाल ने सुदीप फार्मा कंपनी में 1.3% हिस्सेदारी ली. पिछले एक साल में शेयर करीब 30% गिरा है. सुदीप फार्मा मिनरल-आधारित फार्मास्यूटिकल एक्सिपिएंट्स, फूड-ग्रेड मिनरल्स और स्पेशलिटी इंग्रीडिएंट्स बनाने वाली बड़ी कंपनी है.

उन्होंने वासा डेंटिसिटी में अपनी हिस्सेदारी 0.4% बढ़ाकर कुल 2.4% कर दी. वासा डेंटिसिटी भारत का एक प्रमुख बी2बी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है, जो दंत चिकित्सा से जुड़े उत्पादों का वितरण करता है. कंपनी 10,000 से ज्यादा उत्पाद, 300 से अधिक ब्रांड और वॉल्डेंट जैसे 30 से ज्यादा अपने ब्रांड बेचती है.

मुकुल अग्रवाल ने विक्रान इंजीनियरिंग में 0.2% हिस्सेदारी बढ़ाई. कंपनी ने पिछले साल सितंबर में शेयर बाजार में एंट्री की थी. फिलहाल इसका शेयर इश्यू प्राइस 97 रुपये से करीब 10% नीचे है.

उन्होंने एन आर अग्रवाल कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 0.1% बढ़ाई. यह शेयर पिछले साल बने 52-हफ्ते के उच्च स्तर 514 रुपये से करीब 20% नीचे है. एन आर अग्रवाल मुंबई स्थित कंपनी है, जो कागज और पैकेजिंग बोर्ड बनाती है.

शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के अनुसार मुकुल अग्रवाल ने मोनोलिथिश में अपनी हिस्सेदारी 0.2% घटाकर 2.76% कर दी. नवंबर 2025 में बने 607 रुपये के उच्च स्तर से शेयर करीब 20.5% गिर चुका है. कंपनी मेटलर्जिकल सेक्टर के लिए रिफ्रैक्टरी सॉल्यूशंस उपलब्ध कराती है.

उन्होंने पर्ल ग्लोबल कंपनी में 0.2% हिस्सेदारी बेच दी. 2026 की शुरुआत में ही यह शेयर जनवरी में करीब 15% टूट चुका है. पर्ल ग्लोबल भारत की एक बड़ी मल्टीनेशनल परिधान निर्माता और निर्यातक कंपनी है.

मुकुल अग्रवाल ने इन्फोबीन्स टेक्नोलॉजीज में अपनी हिस्सेदारी 0.2% घटाकर 3.9% कर दी. हालांकि बीते एक साल में यह शेयर 97% चढ़ चुका है. इन्फोबीन्स एक ग्लोबल आईटी सर्विस कंपनी है, जो एआई आधारित सॉफ्टवेयर और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सेवाएं देती है.

उन्होंने ऑटोराइडर्स कंपनी में 0.7% हिस्सेदारी घटाई. पिछले एक साल में इस शेयर ने 1,100% से ज्यादा की जबरदस्त तेजी दिखाई है. ऑटोराइडर्स भारत की प्रमुख कार रेंटल कंपनी है.

मुकुल अग्रवाल ने जोटा हेल्थकेयर में 0.8% हिस्सेदारी कम कर कुल हिस्सेदारी 7.5% कर दी. बीते एक साल में शेयर करीब 40% बढ़ा है. जोटा हेल्थकेयर दवाओं, आयुर्वेदिक उत्पादों और न्यूट्रास्यूटिकल्स का निर्माण करती है.

उन्होंने एएसएम टेक्नोलॉजीज कंपनी में 0.4% हिस्सेदारी घटाई. पिछले एक साल में यह शेयर करीब 115% चढ़ चुका है. एएसएम टेक्नोलॉजीज सेमीकंडक्टर, ऑटोमोटिव और डिजिटल सॉल्यूशंस में इंजीनियरिंग सेवाएं देती है.

मुकुल अग्रवाल स्टैनली लाइफस्टाइल्स के शेयर से पूरी तरह बाहर निकलते नजर आ रहे हैं या उन्होंने अपनी हिस्सेदारी डिस्क्लोजर सीमा से नीचे कर दी है. पिछले एक साल में यह शेयर करीब 50% टूट चुका है.
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